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दिल्ली में ‘पंजाब हेरिटेज होम’ की नींव, पंजाबी संस्कृति और विरासत को मिलेगा नया मंच

7 अक्टूबर 2026  दिल्ली में पंजाबी संस्कृति, भाषा और विरासत को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। नई दिल्ली के लाजपत नगर में इंटरनेशनल पंजाबी सोसाइटी की ओर से बनाए जा रहे ‘पंजाब हेरिटेज होम’ की नींव मंगलवार को रखी गई। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने इस परियोजना का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में कई प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां भी मौजूद रहीं।

लाजपत नगर में हुआ शिलान्यास समारोह

‘पंजाब हेरिटेज होम’ का निर्माण नई दिल्ली के लाजपत नगर में किया जा रहा है। नींव रखने के अवसर पर आयोजित समारोह में दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज, विधायक नीरज बसोया, पार्षद शरद कपूर, पूर्व सांसद और संस्था के संरक्षक एस. तरलोचन सिंह तथा इंटरनेशनल पंजाबी सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. अनिल कोहली सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।

पंजाबी संस्कृति और विरासत को मिलेगा मंच

‘पंजाब हेरिटेज होम’ को पंजाबी संस्कृति, विरासत और समुदाय से जुड़ी गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य पंजाबी समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए एक मंच उपलब्ध कराना है।

पंजाब की भाषा, लोक संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में ऐसे केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। दिल्ली में बड़ी संख्या में पंजाबी समुदाय के लोग रहते हैं और इस तरह की पहल उनके सांस्कृतिक जुड़ाव को और मजबूत कर सकती है।

करीब 70 साल पुरानी है इंटरनेशनल पंजाबी सोसाइटी

इंटरनेशनल पंजाबी सोसाइटी करीब 70 साल पुरानी संस्था है। इसकी स्थापना पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री ज्ञानी गुरमुख सिंह मुसाफिर ने की थी। संस्था की अगुवाई समय-समय पर कई प्रतिष्ठित हस्तियां कर चुकी हैं।

इनमें लोकसभा के पूर्व स्पीकर डॉ. गुरदयाल सिंह ढिल्लों, पंजाब एंड सिंध बैंक के चेयरमैन एस. इंदरजीत सिंह और प्रसिद्ध उद्योगपति भाई मोहन सिंह जैसी हस्तियां शामिल रही हैं।

विदेशों में भी मौजूद हैं सोसाइटी के केंद्र

इंटरनेशनल पंजाबी सोसाइटी की शाखाएं दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद हैं। संस्था लंबे समय से पंजाबी समुदाय और उसकी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी गतिविधियों के लिए काम करती रही है।

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह भी इस सोसाइटी के मुख्य संरक्षक रह चुके हैं। ऐसे में दिल्ली में ‘पंजाब हेरिटेज होम’ का निर्माण संस्था की सांस्कृतिक गतिविधियों को एक स्थायी आधार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पंजाबी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिश

आज के दौर में पारंपरिक भाषाओं और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ना बड़ी चुनौती है। ऐसे में सांस्कृतिक केंद्रों के माध्यम से भाषा, साहित्य, इतिहास, कला और परंपराओं से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।

‘पंजाब हेरिटेज होम’ भी पंजाबी संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान बन सकता है। इससे दिल्ली और आसपास रहने वाले पंजाबी समुदाय को अपनी भाषा और विरासत से जुड़े कार्यक्रमों के लिए एक मंच मिलने की उम्मीद है।

दिल्ली में पंजाबी संस्कृति को मिलेगी नई पहचान

दिल्ली में पहले से ही पंजाबी भाषा और सिख विरासत से जुड़े कई संस्थान काम कर रहे हैं। ऐसे में ‘पंजाब हेरिटेज होम’ के निर्माण को इस सांस्कृतिक नेटवर्क को और मजबूत करने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है।

यह परियोजना केवल एक भवन के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजाबी संस्कृति, इतिहास और सामुदायिक पहचान को संरक्षित करने और आगे बढ़ाने के प्रयास के रूप में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कुल मिलाकर, नई दिल्ली के लाजपत नगर में इंटरनेशनल पंजाबी सोसाइटी की ओर से बनाए जा रहे ‘पंजाब हेरिटेज होम’ की नींव रखी गई है। इस पहल से पंजाबी भाषा, संस्कृति और विरासत से जुड़ी गतिविधियों को एक नया मंच मिलने की उम्मीद है।

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