7 अक्टूबर 2026 लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस ने एक बड़े गैंगस्टर नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान चंडीगढ़ और मोहाली के प्रमुख कारोबारियों को निशाना बनाने की साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस का दावा है कि विदेशी ठिकाने से गैंग को संचालित कर रहा एक गैंगस्टर अपने साथियों के जरिए कारोबारियों में दहशत फैलाकर रंगदारी वसूलने की योजना बना रहा था।
दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के रावला मंडी क्षेत्र निवासी राधे श्याम और राहुल कुमार के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है।
अतिरिक्त डीसीपी क्राइम रुपिंदर भट्टी के अनुसार, दोनों आरोपी विदेश में बैठे गैंगस्टर हरमन संधू के लगातार संपर्क में थे। पुलिस का कहना है कि संधू के निर्देश पर आरोपियों को चंडीगढ़ और मोहाली के प्रमुख कारोबारियों को निशाना बनाने का काम दिया गया था।
कारोबारियों में दहशत फैलाने और रंगदारी की योजना
पुलिस के मुताबिक, गैंग की योजना कारोबारियों के घरों और कार्यालयों के बाहर फायरिंग कर दहशत पैदा करने की थी। इसके बाद उनसे बड़ी रकम की रंगदारी मांगने की योजना थी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों को अपराध को अंजाम देने के लिए दूसरे साथियों का इंतजार करते हुए लुधियाना में पकड़ा गया। सीआईए प्रभारी इंस्पेक्टर अवतार सिंह की टीम ने उन्हें फिरोजपुर रोड पर सिंचाई विभाग की खाली जमीन के पास से गिरफ्तार किया।
3 अक्टूबर को दर्ज हुई FIR
पुलिस ने बताया कि इस मामले में 3 अक्टूबर को लुधियाना के डिवीजन नंबर 8 थाने में FIR दर्ज की गई। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगठित अपराध और रंगदारी से संबंधित धाराओं के साथ-साथ आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद पुलिस को दो दिन का रिमांड मिला। अब पुलिस उनसे पूछताछ के आधार पर गैंग के अन्य सदस्यों और उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
अमृतसर से हथियार लेने का पुलिस का दावा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, विदेश में बैठे हरमन संधू के निर्देश पर उसके साथियों ने अमृतसर से एक Glock पिस्तौल और कारतूस हासिल किए थे। पुलिस का कहना है कि हथियार पाकिस्तान से भेजे गए थे और उन्हें आगे अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों को ईंधन, रहने और अन्य खर्चों के लिए पैसे उपलब्ध कराए जाते थे। पुलिस के मुताबिक, वारदात पूरी होने के बाद प्रत्येक शूटर को करीब 40 से 50 हजार रुपये देने की बात कही गई थी।
वारदात से पहले पुलिस ने पकड़ा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारियां होने से पहले ही गैंग की योजना को रोक दिया गया। आरोपी कथित तौर पर अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस की कार्रवाई के कारण योजना सफल नहीं हो सकी।
अतिरिक्त डीसीपी क्राइम रुपिंदर भट्टी ने बताया कि पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गैंग की सूची में कौन-कौन से कारोबारी शामिल थे और इस नेटवर्क में कितने अन्य लोग सक्रिय हैं।
कारोबारियों को किया गया अलर्ट
पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए संभावित निशाने पर मौजूद कारोबारियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार संबंधित लोगों को सतर्क कर दिया गया है।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गैंग के विदेशी संपर्क, स्थानीय सहयोगियों और संभावित अन्य वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।
पहले से आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
पुलिस के मुताबिक, दोनों गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी है। राधे श्याम के खिलाफ राजस्थान के रावला मंडी और अनूपगढ़ में पांच मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है, जबकि राहुल कुमार के खिलाफ रावला मंडी में एक मामला दर्ज बताया गया है।
पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच जारी है।
कुल मिलाकर, लुधियाना पुलिस की कार्रवाई के बाद चंडीगढ़ और मोहाली के कारोबारियों को निशाना बनाकर फायरिंग और रंगदारी वसूलने की कथित साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, विदेश में बैठे गैंगस्टर के निर्देश पर आरोपी वारदात की तैयारी में थे। दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों और संभावित निशानों की जानकारी जुटा रही है।
