लुधियाना 04 अक्टूबर 2026 : थाना डिवीजन नंबर 6 के अधिकार क्षेत्र में आने वाले कोर्ट मंगल सिंह नगर में शनिवार देर रात कार सवार हथियारबंद युवकों ने एक रिहायशी मकान को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अचानक हुई गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। गनीमत रही कि गोलीबारी के दौरान घर में मौजूद लोग बाल-बाल बच गए और कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। वारदात की सूचना मिलते ही थाना डिवीजन नंबर 6 की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मुआयना कर घटनास्थल से एक कारतूस का खोल बरामद किया। पुलिस ने मामले की गहन पड़ताल शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार रात कोर्ट मंगल सिंह नगर की गली नंबर 18 में एक कार आकर रुकी। कार में कुछ अज्ञात युवक सवार थे, जिन्होंने अचानक गली में स्थित एक घर की तरफ हथियार से फायरिंग कर दी। गोली चलने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए, लेकिन तब तक हमलावर कार को तेजी से भगाते हुए मौके से फरार हो चुके थे। स्थानीय निवासियों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। मामले की पुष्टि करते हुए थाना डिवीजन नंबर 6 के प्रभारी प्रमोद राज ने बताया कि उन्हें कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि कोर्ट मंगल सिंह इलाके की गली नंबर 18 में एक मकान पर फायरिंग की गई है। सूचना पर वे तुरंत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
प्राथमिक जांच के हवाले से एसएचओ ने बताया कि यह पूरी वारदात प्रेम संबंधों से जुड़े विवाद का नतीजा लग रही है। पुलिस पड़ताल में सामने आया है कि इलाके में रहने वाली एक युवती के प्रेम प्रसंग को लेकर कुछ समय से आपसी तनातनी और विवाद चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि इसी खुंदक के चलते लड़की के ब्वॉयफ्रेंड ने अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर दबाव व दहशत बनाने के इरादे से घर पर फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया है। हालांकि पुलिस अन्य सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर भी जांच कर रही है।
जांच अधिकारियों ने घटनास्थल से एक कारतूस का खाली खोल बरामद कर फॉरेंसिक जांच के लिए कब्जे में ले लिया है। पुलिस की टीमें गली और कोर्ट मंगल सिंह के मुख्य मार्गों पर लगे निजी व व्यापारिक सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को बारीकी से खंगाल रही हैं। पुलिस फुटेज के जरिए वारदात में इस्तेमाल की गई कार के रजिस्ट्रेशन नंबर और उसमें सवार संदिग्ध युवकों के हुलिए का पता लगाने में जुटी है। एसएचओ प्रमोद राज का कहना है कि परिजनों और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान लगभग तय हो जाएगी, जिसके बाद मामला दर्ज कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
