3 अक्टूबर 2026 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार, 3 अक्टूबर को 4.60 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में ₹148 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि ट्रांसफर की। लखनऊ के लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह राशि सीधे लाभार्थी विद्यार्थियों के खातों में भेजी गई।
इस सहायता का लाभ अलग-अलग सामाजिक वर्गों के विद्यार्थियों को मिला है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इसमें पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, सामान्य वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थी शामिल हैं। सरकार के अनुसार छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया को ऑटोमेशन से जोड़ने से भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता और समयबद्धता बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
4.60 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को मिला लाभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान 4.60 लाख से अधिक विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि जारी की। यह सहायता विद्यार्थियों की शिक्षा से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मदद के उद्देश्य से दी जाती है।
रिपोर्टों के मुताबिक, राशि सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई है। इससे पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए अलग से किसी मध्यस्थ पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं रहती।
किस वर्ग के कितने विद्यार्थियों को मिली राशि
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछड़ा वर्ग के 2,23,615 विद्यार्थियों को कुल ₹60.01 करोड़ दिए गए। वहीं अनुसूचित जाति के 1,59,959 विद्यार्थियों के लिए ₹64.54 करोड़ जारी किए गए।
इसके अलावा सामान्य वर्ग के 38,084 विद्यार्थियों को ₹11.43 करोड़ और अल्पसंख्यक वर्ग के 38,901 विद्यार्थियों को ₹12.06 करोड़ की राशि दी गई।
इस तरह अलग-अलग श्रेणियों के विद्यार्थियों को मिलाकर 4.60 लाख से ज्यादा लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाई गई।
छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि
इस बार जारी की गई राशि में केवल छात्रवृत्ति ही नहीं, बल्कि शुल्क प्रतिपूर्ति भी शामिल है। उत्तर प्रदेश में पात्र विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया राज्य के संबंधित सिस्टम के माध्यम से संचालित होती है।
राशि सीधे बैंक खाते में पहुंचने से विद्यार्थियों और उनके परिवारों को शिक्षा से जुड़े आर्थिक खर्चों में सहायता मिलने की उम्मीद है।
योगी ने विद्यार्थियों को पढ़ाई में निवेश की दी सलाह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों से छात्रवृत्ति की राशि का उपयोग अपनी पढ़ाई के लिए करने की बात कही। उन्होंने छात्रों को अच्छी किताबें खरीदने और अपना बुक बैंक बनाने की सलाह भी दी।
मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति व्यवस्था में तकनीक और ऑटोमेशन के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया। सरकार का कहना है कि इससे भुगतान प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने और पात्र विद्यार्थियों तक सहायता पहुंचाने में मदद मिली है।
सीधे बैंक खाते में पहुंच रही सहायता
छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि को सीधे बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था का उद्देश्य भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाना है। केंद्र और राज्यों की कई छात्रवृत्ति योजनाओं में Direct Benefit Transfer के जरिए लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि भेजने की व्यवस्था लागू है।
इस व्यवस्था में पात्रता और आवेदन के सत्यापन के बाद स्वीकृत राशि बैंक खाते तक पहुंचाई जाती है।
विद्यार्थियों के लिए आर्थिक सहायता
उच्च शिक्षा और स्कूल स्तर पर पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति आर्थिक सहायता का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। फीस, किताबों और पढ़ाई से जुड़े दूसरे खर्चों के बीच यह सहायता परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करने में मदद कर सकती है।
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी इस राशि में विभिन्न सामाजिक वर्गों के पात्र विद्यार्थियों को शामिल किया गया है।
स्कॉलरशिप स्टेटस कैसे चेक करें
जिन विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया है, वे अपने आवेदन की स्थिति संबंधित छात्रवृत्ति पोर्टल पर देख सकते हैं। इसके अलावा भुगतान की जानकारी PFMS के Know Your Payment विकल्प के जरिए भी जांची जा सकती है।
इसके लिए विद्यार्थियों को अपने आवेदन या बैंक खाते से संबंधित आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होती है। यदि राशि खाते में नहीं पहुंची है, तो आवेदन की स्थिति और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी की जांच की जा सकती है।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में 4.60 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों के लिए ₹148 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति जारी की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की। इस सहायता में पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, सामान्य वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थी शामिल हैं।
