2 अक्टूबर 2026 दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए शुक्रवार को नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। इसके बावजूद प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। इसी बीच दिल्ली मेट्रो के 11 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू
कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अनधिकृत भीड़ को रोकने के लिए नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की गई है। इसके तहत बिना लिखित अनुमति के पांच या उससे अधिक लोगों के सार्वजनिक रूप से एकत्र होने, प्रदर्शन, जुलूस, धरना और पिकेटिंग पर रोक है।
पुलिस ने लोगों से आदेशों का पालन करने और प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की है। नियमों का उल्लंघन होने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
11 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट बंद
सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली मेट्रो के 11 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद किया गया है। हालांकि कुछ प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों के लिए इंटरचेंज सुविधा जारी रखी गई है।
प्रभावित स्टेशनों में जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, INA, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली शामिल हैं।
राजीव चौक समेत कुछ स्टेशनों पर इंटरचेंज जारी
दिल्ली मेट्रो की ओर से प्रवेश और निकास बंद किए जाने के बावजूद राजीव चौक, मंडी हाउस, नई दिल्ली और केंद्रीय सचिवालय जैसे प्रमुख स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहने की जानकारी दी गई है।
इसका मतलब है कि यात्री इन स्टेशनों पर मेट्रो लाइनों के बीच बदलाव कर सकेंगे, लेकिन प्रभावित स्टेशनों से बाहर निकलने या उनमें प्रवेश करने पर प्रतिबंध रहेगा।
जंतर-मंतर के आसपास बैरिकेडिंग
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग की गई है। प्रमुख रास्तों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
पुलिस के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। रिपोर्टों के अनुसार करीब 3,000 से 4,000 लोगों के जुटने की संभावना जताई गई थी।
किस मुद्दे को लेकर प्रस्तावित है प्रदर्शन?
प्रस्तावित प्रदर्शन CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ है। आयोजकों की ओर से चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं तथा Special Intensive Revision (SIR) को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
प्रदर्शन के आयोजकों में All India Students’ Association (AISA), राज्यसभा सांसद मनोज झा और सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण शामिल हैं। आयोजक CEC के इस्तीफे या हटाए जाने की मांग उठा रहे हैं। ये आरोप और मांगें आयोजकों के पक्ष से हैं; पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है।
दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन या मार्च के लिए अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से कानून का पालन करने और किसी भी अनधिकृत धरने या प्रदर्शन में शामिल न होने की अपील की है।
सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य जंतर-मंतर और नई दिल्ली क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना तथा यातायात को सुचारू रखना बताया गया है।
यात्रियों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी
मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद होने और जंतर-मंतर के आसपास बैरिकेडिंग के कारण मध्य दिल्ली के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित हो सकता है। यात्रियों को इन इलाकों से गुजरने से पहले अपनी यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच दिल्ली में बढ़ी सतर्कता
गांधी जयंती के दिन प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है। जंतर-मंतर के अलावा आसपास के महत्वपूर्ण स्थानों पर भी पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती की गई है।
फिलहाल पुलिस की ओर से प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी गई है और धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू हैं। ऐसे में यात्रियों और स्थानीय लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
