1 अक्टूबर 2026 दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कहा कि सुरक्षा सुनिश्चित करने के नाम पर महिलाओं की आजादी पर पाबंदियां लगाना सही तरीका नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए केवल लड़कियों को नियम और सावधानियां बताने के बजाय लड़कों को भी सम्मान, जिम्मेदारी, व्यवहार और सहमति के बारे में समान रूप से शिक्षित करना जरूरी है।
महिलाओं की आजादी पर नहीं लगनी चाहिए पाबंदी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को मैत्रेयी कॉलेज में आयोजित ‘युवा मंथन: परंपरा और प्रगति’ कार्यक्रम में छात्राओं से बातचीत के दौरान महिलाओं की सुरक्षा और स्वतंत्रता पर अपने विचार रखे।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को यह बताना कि वे क्या पहनें, कहां जाएं या कितने बजे घर लौटें, सुरक्षा का एकमात्र तरीका नहीं हो सकता। उनके मुताबिक समाज को ऐसा माहौल बनाने की जरूरत है, जहां महिलाएं बिना डर के आगे बढ़ सकें और अपनी इच्छाओं तथा लक्ष्यों को पूरा कर सकें।
लड़कों को भी सिखाई जाए जिम्मेदारी
रेखा गुप्ता ने कहा कि सुरक्षा के नाम पर अगर बेटियों के लिए लगातार ‘क्या करें और क्या न करें’ तय किए जाते हैं, तो लड़कों को भी उतनी ही गंभीरता से सम्मान, जिम्मेदारी, सही व्यवहार और सहमति का महत्व सिखाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की ‘ना’ का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं और लड़कियों के लिए सुरक्षित वातावरण बनाने में परिवार, स्कूल-कॉलेज, समाज, पुलिस, प्रशासन और सरकार की संयुक्त भूमिका पर जोर दिया।
शिकायतों को गंभीरता से लेने की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि लड़कियों और महिलाओं को अन्याय या अनुचित व्यवहार के खिलाफ अपनी आवाज उठाने में डर नहीं लगना चाहिए। उनकी शिकायतों को सामाजिक या संस्थागत दबाव के बिना गंभीरता से सुना और उस पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि केवल नियम बना देना पर्याप्त नहीं है। इन नियमों को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करना भी उतना ही जरूरी है। उनके अनुसार महिलाओं की सुरक्षा और स्वतंत्रता को एक-दूसरे के विरोध में नहीं देखा जाना चाहिए।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
रेखा गुप्ता ने दिल्ली में सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा मजबूत करने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे उपायों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार 50,000 CCTV कैमरे और एक लाख स्ट्रीट लाइटें लगाने की दिशा में काम कर रही है।
इन उपायों का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी और रोशनी की व्यवस्था को मजबूत करना है, ताकि लोगों, खासकर महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार किया जा सके।
छात्राओं को अपने लक्ष्य तय करने की सलाह
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान छात्राओं से कहा कि महिलाओं को कम उम्र से ही अपने भविष्य, करियर और व्यक्तिगत विकास को लेकर जागरूक होना चाहिए। उन्होंने छात्राओं से अपने लक्ष्य तय करने और आत्मविश्वास के साथ उन्हें हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि महिलाएं अक्सर परिवार और समाज की जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देती हैं, लेकिन उन्हें अपने लिए भी सोचने, अपने करियर का चुनाव करने और अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने का अधिकार है।
मैत्रेयी कॉलेज में सुविधाओं पर भी चर्चा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मैत्रेयी कॉलेज की सुविधाओं को बेहतर बनाने की जरूरत पर भी बात की। उन्होंने कॉलेज में आधुनिक और बेहतर सुविधाओं से युक्त ऑडिटोरियम की आवश्यकता बताई, ताकि छात्राओं को सांस्कृतिक, शैक्षणिक और रचनात्मक गतिविधियों के लिए बेहतर मंच मिल सके।
सुरक्षा और स्वतंत्रता दोनों जरूरी
रेखा गुप्ता के बयान का मुख्य संदेश यह रहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए उनकी गतिविधियों और स्वतंत्रता को सीमित करने के बजाय समाज की सोच और व्यवहार में बदलाव जरूरी है। परिवार से लेकर शैक्षणिक संस्थानों, पुलिस और प्रशासन तक सभी को मिलकर ऐसा वातावरण तैयार करना होगा, जिसमें महिलाएं बिना भय के शिक्षा, रोजगार और अपने पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
