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हरियाणा में Land Use नियम बदलने की तैयारी, ‘Everything permitted till prohibited’ से Gurugram-Faridabad पर क्या पड़ेगा असर?

1 अक्टूबर 2026 हरियाणा सरकार राज्य में जमीन के इस्तेमाल और विकास से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। Town and Country Planning Department की ओर से 30 सितंबर को जारी सार्वजनिक नोटिस में मौजूदा permitted activities list को बदलकर prohibited activities list लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसका सीधा मतलब यह होगा कि किसी क्षेत्र में केवल उन्हीं गतिविधियों की सूची नहीं होगी जिन्हें करने की अनुमति है, बल्कि उन गतिविधियों की सूची बनाई जाएगी जिन्हें वहां प्रतिबंधित किया गया है।

इस प्रस्ताव का आधार ‘Everything is permitted till prohibited’, यानी जब तक किसी गतिविधि पर प्रतिबंध नहीं है, तब तक वह मौजूदा नीतिगत नियमों के अधीन अनुमत हो सकती है। हालांकि, यह बदलाव अभी अंतिम नियम नहीं बना है। सरकार ने प्रस्ताव पर लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं।

अभी कैसे काम करता है Land Use सिस्टम?

मौजूदा व्यवस्था में किसी विकास क्षेत्र में अलग-अलग गतिविधियों के लिए यह तय किया जाता है कि वहां क्या-क्या किया जा सकता है। अगर कोई नया कारोबार या गतिविधि उस अनुमत सूची में शामिल नहीं होती, तो उसे शुरू करने के लिए अतिरिक्त अनुमति या प्रक्रिया की जरूरत पड़ सकती है।

प्रस्तावित व्यवस्था में इसका तरीका बदल जाएगा। किसी क्षेत्र में जो गतिविधियां प्रतिबंधित नहीं होंगी, वे मौजूदा नीतिगत और निर्माण संबंधी नियमों का पालन करते हुए की जा सकेंगी। सरकार का उद्देश्य land-use approvals को अधिक सरल और demand-driven बनाना बताया गया है। यह प्रस्ताव केंद्र के compliance reduction और deregulation exercise के Phase-2 से भी जुड़ा है।

Gurugram में क्या बदल सकता है?

Gurugram इस बदलाव से प्रभावित होने वाले प्रमुख शहरों में शामिल हो सकता है। यहां residential sectors, commercial areas और corporate hubs एक-दूसरे के आसपास तेजी से विकसित हुए हैं।

प्रस्तावित बदलाव के बाद residential क्षेत्रों में कुछ छोटी commercial activities, जैसे छोटे shops, cafes, PGs या कुछ home-based businesses के लिए नियमों में स्पष्टता बढ़ सकती है, बशर्ते वे प्रस्तावित prohibited list में शामिल न हों और अन्य लागू नियमों का पालन करें।

हालांकि, इसका दूसरा पहलू भी है। अगर residential क्षेत्रों में commercial गतिविधियां बढ़ती हैं तो traffic, parking, noise और civic infrastructure से जुड़े सवाल उठ सकते हैं। Resident welfare associations और स्थानीय निवासियों की ओर से इन मुद्दों को लेकर आपत्तियां भी सामने आ सकती हैं।

Faridabad पर क्या असर पड़ेगा?

Faridabad में residential colonies के साथ बड़ा industrial belt भी मौजूद है। प्रस्तावित zoning बदलाव के तहत industries को residential zones में अनुमति नहीं मिलेगी, क्योंकि industries को प्रतिबंधित गतिविधियों में रखा गया है।

हालांकि, कुछ छोटी commercial activities के लिए रास्ता अपेक्षाकृत आसान हो सकता है, अगर वे संबंधित zone की prohibited list में शामिल नहीं हैं और दूसरे नियमों का उल्लंघन नहीं करतीं।

इसका मतलब यह नहीं है कि किसी भी जमीन पर कोई भी construction या business बिना अनुमति शुरू किया जा सकेगा। Building approvals, development policies, infrastructure requirements और अन्य कानूनी नियम लागू रहेंगे।

किन गतिविधियों पर रहेगा प्रतिबंध?

प्रस्तावित सूची के अनुसार residential zones में industries, IT parks, data centres, warehouses, logistics parks और transport nagars जैसी गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी।

वहीं commercial zones में residential colonies, major industries, IT parks और data centres को प्रतिबंधित गतिविधियों में रखा गया है।

Agricultural zones में residential और commercial colonies, red-category industries और IT establishments पर रोक प्रस्तावित है। हालांकि, data centres को कृषि क्षेत्र की प्रस्तावित prohibited list में विशेष रूप से अलग रखा गया है।

क्या इससे जमीन की कीमतों पर असर पड़ेगा?

Land-use rules में बदलाव से अलग-अलग इलाकों में जमीन के इस्तेमाल की संभावनाएं बदल सकती हैं। खासकर Gurugram, Faridabad, Sonipat और अन्य तेजी से विकसित हो रहे urban belts के आसपास इसका असर देखा जा सकता है।

हालांकि, केवल इस प्रस्ताव के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि किसी इलाके में जमीन की कीमत निश्चित रूप से बढ़ेगी या घटेगी। वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि अंतिम नियम क्या होते हैं और संबंधित जमीन पर infrastructure, बिजली, पानी, सड़क, environmental clearance और अन्य अनुमतियां किस तरह लागू होती हैं।

Green areas और infrastructure को लेकर चिंता

Land-use नियमों को आसान बनाने के प्रस्ताव के साथ environmental protection और urban infrastructure को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं। अगर ज्यादा गतिविधियों को अनुमति मिलती है तो traffic, parking, पानी, सीवरेज और अन्य civic services पर दबाव बढ़ सकता है।

इसके अलावा agricultural land, green belts और environmentally sensitive areas की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण रहेगी। ऐसे क्षेत्रों में लागू अलग-अलग पर्यावरणीय और कानूनी प्रावधान इस प्रस्ताव के बावजूद महत्वपूर्ण रहेंगे।

किन शहरों में लागू होगा प्रस्ताव?

यह प्रस्ताव Haryana Scheduled Roads and Controlled Areas Restriction of Unregulated Development Act, 1963 के तहत development plans के साथ-साथ संबंधित municipal और metropolitan development authority कानूनों से जुड़ा है।

इसका दायरा Gurugram, Faridabad, Panchkula, Sonepat और Hisar जैसे शहरों तक भी है।

अभी अंतिम फैसला नहीं

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह बदलाव अभी प्रस्तावित है। Town and Country Planning Department ने लोगों से objections और suggestions मांगे हैं। प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

इसलिए फिलहाल ‘Everything permitted till prohibited’ को हरियाणा में लागू हो चुका नया नियम नहीं माना जा सकता। अंतिम अधिसूचना और नियम जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अलग-अलग zones में किस तरह की गतिविधियों को वास्तव में अनुमति मिलेगी।

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