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LPU में कथित रेप के आरोप के बाद हिंसा और आगजनी, जांच के लिए SIT गठित

28 सितंबर 2026  पंजाब के फगवाड़ा स्थित Lovely Professional University (LPU) में एक छात्रा से कथित यौन हमले की खबर के बाद छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। शनिवार रात से शुरू हुआ विरोध रविवार को बड़े स्तर पर फैल गया। प्रदर्शन के दौरान कैंपस में तोड़फोड़, आगजनी और पुलिस के साथ झड़प की घटनाएं सामने आईं। छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे-44 को भी कुछ समय के लिए जाम कर दिया।

मामले में पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रेप की धाराओं में FIR दर्ज की है। साथ ही आरोपों की जांच के लिए Special Investigation Team (SIT) का गठन किया गया है। हालांकि, अभी तक कथित घटना की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और LPU प्रशासन ने आरोपों को गलत, निराधार और अफवाहों पर आधारित बताया है।

सोशल मीडिया और छात्रों के बीच फैले दावों से शुरू हुआ विवाद

प्रदर्शन की शुरुआत उन दावों के बाद हुई, जिनमें कहा गया कि Girls Hostel-3 में एक छात्रा के साथ कथित तौर पर यौन हमला हुआ। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि घटना में विश्वविद्यालय के बाहर से आया कोई कर्मचारी शामिल था और छात्रा के साथ कथित घटना 23 सितंबर को हुई थी।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए। कुछ ने कथित आरोपी को प्लंबर बताया, जबकि अन्य ने दूसरे बाहरी कर्मचारियों का जिक्र किया। पुलिस और मीडिया रिपोर्टों में भी यह स्पष्ट किया गया है कि इन दावों की जांच अभी जारी है और कई विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस ने दर्ज की FIR, SIT करेगी जांच

छात्रों की शिकायत के आधार पर कपूरथला पुलिस ने सतनामपुरा थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ BNS की धारा 64 के तहत FIR दर्ज की। पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच वैज्ञानिक तरीके से की जाएगी।

जालंधर रेंज के DIG नवीन सिंगला के अनुसार, जांच में फोरेंसिक साक्ष्य, CCTV फुटेज और फोन से जुड़े डेटा की जांच की जाएगी। छात्रों के प्रतिनिधियों को भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया गया है।

जांच के लिए गठित SIT में फगवाड़ा के SP मेजर सिंह, DSP पलविंदर सिंह, एक महिला पुलिस इंस्पेक्टर और छात्रों के प्रतिनिधि शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

प्रदर्शन के दौरान कैंपस में आगजनी और तोड़फोड़

कथित घटना को लेकर छात्रों का गुस्सा बढ़ने के बाद प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने कैंपस की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और कुछ स्थानों पर आगजनी की। कई खिड़कियों के शीशे टूटे और सामान को नुकसान पहुंचाया गया।

प्रदर्शनकारियों ने कैंपस में मौजूद कुछ वाहनों और अन्य वस्तुओं को भी आग के हवाले किया। रविवार को स्थिति और बिगड़ने पर पुलिस के साथ छात्रों की झड़प हुई। पुलिस के वाहनों को भी नुकसान पहुंचा और कुछ वाहनों में आग लगा दी गई।

NH-44 पर घंटों रहा यातायात प्रभावित

प्रदर्शनकारी छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग को भी ब्लॉक कर दिया। इसके कारण इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस और प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को सड़क खाली करने के लिए समझाने का प्रयास किया।

बाद में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव के बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने की कार्रवाई की। कुछ रिपोर्टों में पुलिस के लाठीचार्ज का भी उल्लेख है।

LPU प्रशासन ने आरोपों को बताया अफवाह

LPU प्रशासन ने कथित रेप की घटना से इनकार किया है। विश्वविद्यालय ने आरोपों को “false, baseless and fabricated rumours” बताया और छात्रों, अभिभावकों तथा लोगों से अपील की कि वे बिना पुष्टि वाली जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें।

विश्वविद्यालय ने यह भी कहा कि पुलिस जांच में वह पूरा सहयोग करेगा और पुलिस को आवश्यक CCTV फुटेज तथा अन्य जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

LPU की ओर से एक वीडियो भी जारी किया गया, जिसमें कथित घटना वाले कमरे में रहने वाली तीन छात्राओं ने कहा कि वे पिछले करीब दो महीनों से वहां रह रही हैं और कमरे में ऐसी कोई घटना नहीं हुई। हालांकि, पूरे मामले की अंतिम स्थिति पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

एक अन्य छात्रा की मौत की भी जांच

प्रदर्शन के दौरान एक अन्य छात्रा की मौत का मुद्दा भी सामने आया। पुलिस के अनुसार, तेलंगाना की रहने वाली एक LPU छात्रा की करीब 15 दिन पहले कथित आत्महत्या में मौत हुई थी। छात्रों की ओर से इस मामले को भी मौजूदा विवाद से जोड़कर सवाल उठाए गए।

DIG नवीन सिंगला ने कहा कि उस छात्रा का मोबाइल फोन जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। यदि जांच में किसी तरह की गड़बड़ी या अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उसके आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभी उसकी मौत की परिस्थितियां भी जांच का विषय हैं।

LPU ने 10 दिनों के लिए कक्षाएं स्थगित कीं

हिंसा और तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय ने 28 सितंबर से नियमित कक्षाएं 10 दिनों के लिए स्थगित कर दी हैं। मिड-टर्म परीक्षाओं को भी अगले आदेश तक टाल दिया गया है।

विश्वविद्यालय ने कैंपस में मौजूद छात्रों को अपने हॉस्टल या रहने की जगह पर रहने, अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने और किसी भी तरह की हिंसक गतिविधि में शामिल न होने की सलाह दी है।

जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई

LPU में हुए घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि छात्रा से कथित रेप का आरोप अभी जांच के अधीन है। पुलिस ने FIR दर्ज कर दी है और SIT का गठन भी किया गया है, जबकि विश्वविद्यालय ने घटना से इनकार किया है।

अब पुलिस CCTV फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्य, फोन डेटा और अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर मामले की जांच करेगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित घटना वास्तव में हुई थी या नहीं और यदि हुई तो इसमें कौन जिम्मेदार था।

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