• Thu. Sep 24th, 2026

पंजाब सरकार ने साढ़े चार साल में बिना भेदभाव हर वर्ग के सपने पूरे किए: हरजोत सिंह बैंस

24 सितंबर 2026  पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल का लेखा-जोखा पेश करते हुए दावा किया कि सरकार ने बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग के लोगों के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आम लोगों की उम्मीदों के मुताबिक कई फैसले लिए और चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में काम किया है।

सरकार के कामकाज का रखा लेखा-जोखा

हरजोत सिंह बैंस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरकार की विभिन्न योजनाओं और फैसलों का उल्लेख किया। उनके अनुसार, पिछले साढ़े चार साल के दौरान पंजाब में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और किसानों से जुड़े मुद्दों पर कई कदम उठाए गए हैं।

बैंस ने सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य आम लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराना और पंजाब के विकास को आगे बढ़ाना है। उनके मुताबिक, सरकार ने जाति, धर्म या आर्थिक स्थिति के आधार पर भेदभाव किए बिना लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की कोशिश की है।

स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सरकार का दावा

बैंस ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में परिवारों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने की दिशा में काम किया गया है।

उनके मुताबिक, पंजाब ऐसा पहला राज्य बना है जहां बिना जाति, धर्म या सालाना आय की सीमा के परिवारों को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा देने की व्यवस्था की गई है। यह दावा राज्य सरकार की ओर से अपनी स्वास्थ्य नीति की उपलब्धि के तौर पर पेश किया गया।

महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता का जिक्र

शिक्षा मंत्री ने महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की दिशा में कदम उठाए हैं।

बैंस के अनुसार, दलित परिवारों की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह सम्मान भत्ता दिया जा रहा है। उन्होंने इसे महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए सरकार की ओर से उठाया गया कदम बताया।

शिक्षा क्षेत्र में सुधार पर जोर

हरजोत सिंह बैंस ने शिक्षा विभाग से जुड़े कामों को भी सरकार की उपलब्धियों में शामिल किया। इससे पहले उन्होंने सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे, नए क्लासरूम, आधुनिक लैब और अन्य सुविधाओं को लेकर सरकार की ओर से किए गए निवेश का उल्लेख किया था।

सरकार के अनुसार, पिछले साढ़े चार साल में स्कूल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर बड़े स्तर पर काम हुआ है। इसमें नए क्लासरूम, लैब और शौचालयों के निर्माण जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

रोजगार और सरकारी नौकरियों का भी जिक्र

बैंस और पंजाब सरकार के अन्य नेताओं की ओर से रोजगार के मुद्दे को भी सरकार के प्रमुख कामों में शामिल किया जाता रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा था कि साढ़े चार साल में 70,840 युवाओं को योग्यता और मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

सरकार के अनुसार, इसी अवधि में पंजाब पुलिस में भी हजारों युवाओं की भर्ती की गई है। इन आंकड़ों को सरकार की ओर से रोजगार के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

महिलाओं और किसानों से जुड़े फैसलों का उल्लेख

सरकार की ओर से महिलाओं को वित्तीय सहायता और किसानों तक नहरी पानी पहुंचाने जैसे मुद्दों को भी प्रमुख उपलब्धियों में गिनाया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हालिया कार्यक्रम में दावा किया था कि नहरी पानी पंजाब के करीब 80 प्रतिशत खेतों तक पहुंच रहा है।

सरकार का कहना है कि नहरी पानी को टेल तक पहुंचाने और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए बड़े स्तर पर काम किया गया है।

बैंस ने केंद्र और भाजपा पर भी साधा निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हरजोत सिंह बैंस ने भाजपा और केंद्र सरकार पर भी राजनीतिक निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।

बैंस ने कहा कि पंजाब सरकार के विकास कार्यों की रफ्तार को किसी भी दबाव में रुकने नहीं दिया जाएगा। ये राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें बैंस की ओर से लगाए गए दावे के रूप में देखा जाना चाहिए।

सरकार ने उपलब्धियों को जनता के सामने रखा

हरजोत सिंह बैंस के बयान में सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिलाओं और कृषि से जुड़े क्षेत्रों में किए गए कामों को प्रमुखता दी गई। उन्होंने सरकार के कामकाज को आम लोगों की जरूरतों से जोड़ते हुए कहा कि सरकार ने बिना भेदभाव विकास कार्यों को आगे बढ़ाया है।

वहीं, सरकार की इन उपलब्धियों और योजनाओं को लेकर राजनीतिक दलों के बीच अलग-अलग मत हो सकते हैं। इसलिए इन दावों का आकलन संबंधित सरकारी आंकड़ों और स्वतंत्र स्रोतों के आधार पर किया जाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *