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लुधियाना में बच्चों में TB रोकने की तैयारी तेज, स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई जांच और जागरूकता

24 सितंबर 2026  बच्चों में तपेदिक यानी TB की समय पर पहचान और इलाज को लेकर लुधियाना स्वास्थ्य विभाग ने प्रयास तेज कर दिए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों में TB के लक्षण कई बार सामान्य या हल्के दिखाई देते हैं, जिसके कारण बीमारी की पहचान देर से हो सकती है। ऐसे में शुरुआती जांच और सही उपचार को लेकर स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

बच्चों में TB की पहचान बनी बड़ी चुनौती

विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों में TB कई बार स्पष्ट लक्षणों के बजाय सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं की तरह दिखाई देती है। समय पर बीमारी की पहचान नहीं होने पर इसका असर बच्चे के विकास और स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि बच्चों में TB की जल्दी पहचान करना न केवल मरीज के इलाज के लिए जरूरी है, बल्कि परिवार और समुदाय में संक्रमण की श्रृंखला को रोकने के लिए भी महत्वपूर्ण है।

60 से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मियों ने लिया प्रशिक्षण

इसी उद्देश्य से लुधियाना में बच्चों में TB की रोकथाम, जांच और उपचार को लेकर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका आयोजन World Health Partners (WHP) और SAATHII ने जिला TB सेल के सहयोग से किया।

कार्यक्रम में जिले के 60 से अधिक बाल रोग विशेषज्ञों, मेडिकल अधिकारियों, कम्युनिटी हेल्थ अधिकारियों, स्टाफ नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य healthcare workers को बच्चों में TB की समय पर पहचान, सही जांच और उचित उपचार की जानकारी देना था।

सिविल सर्जन ने समय पर इलाज पर दिया जोर

सिविल सर्जन डॉ. रामनदीप कौर ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि भारत के TB उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने में स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

उन्होंने बच्चों में TB की समय पर पहचान और जल्द उपचार शुरू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इससे बीमारी से होने वाली जटिलताओं को कम करने के साथ-साथ संक्रमण के फैलाव को रोकने में भी मदद मिल सकती है।

NTEP के तहत जांच और उपचार की जानकारी

WHP पंजाब के स्टेट टेक्निकल मैनेजर डॉ. सतीश पुंडीर ने पंजाब में बच्चों में TB की मौजूदा स्थिति और National Tuberculosis Elimination Programme (NTEP) के तहत प्राथमिकताओं की जानकारी दी।

जिला TB अधिकारी डॉ. आशीष चावला ने जिले में TB की स्थिति के साथ-साथ मौजूदा जांच प्रक्रियाओं और उपचार रणनीतियों के बारे में स्वास्थ्यकर्मियों को जानकारी दी। इसमें molecular tests जैसी आधुनिक जांच प्रक्रियाएं भी शामिल हैं।

बच्चों में छिपे लक्षणों की पहचान पर जोर

प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने बच्चों में TB के सामान्य और छिपे हुए लक्षणों को पहचानने, clinical examination और microbiological investigations के बारे में जानकारी दी।

CMC Ludhiana के बाल रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. रूबी सिंह ने बच्चों में extrapulmonary TB की पहचान और प्रबंधन पर विशेष सत्र लिया। उन्होंने बीमारी की सही पहचान के लिए बच्चे की व्यापक clinical examination और आवश्यकता के अनुसार उचित जांच कराने पर जोर दिया।

परिवार में TB मरीज होने पर बच्चों की जांच जरूरी

स्वास्थ्य विभाग पहले भी TB से प्रभावित परिवारों के बच्चों की screening पर जोर देता रहा है। फरवरी 2025 की एक रिपोर्ट के अनुसार, लुधियाना में बच्चों में सामने आने वाले TB मामलों में परिवार के भीतर संक्रमण एक महत्वपूर्ण चिंता रही है। उस समय जिला TB अधिकारी ने बताया था कि diagnosed TB patients में करीब 12 प्रतिशत बच्चे थे और कई बच्चों में संक्रमण परिवार के भीतर से हुआ था।

इसी वजह से TB मरीजों के घरों में रहने वाले बच्चों, खासकर छोटे बच्चों की screening और जरूरत पड़ने पर preventive treatment पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

TB से बचाव के लिए preventive treatment पर भी चर्चा

WHO consultant डॉ. प्रभजीत समरा ने TB Preventive Treatment (TPT) के महत्व पर जानकारी दी। उन्होंने TB मरीजों के household contacts की screening करने, खासकर बच्चों और अन्य vulnerable लोगों की जांच करने तथा पात्र लोगों को preventive treatment उपलब्ध कराने की जरूरत बताई।

लुधियाना में पहले भी सामने आए हैं ज्यादा बाल TB मामले

मई 2026 में प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में पंजाब में कुल 59,994 TB मामले दर्ज किए गए थे। इनमें लुधियाना में 13,106 मामले सामने आए, जो राज्य के जिलों में सबसे अधिक थे। इसी अवधि में जिले में 2,733 paediatric TB cases दर्ज हुए, जिनमें 712 मामले लुधियाना से थे।

इन आंकड़ों के बीच स्वास्थ्य विभाग द्वारा schoolchildren की screening और RBSK teams को प्रशिक्षित करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि संदिग्ध मामलों की जल्द पहचान हो सके और उन्हें उचित स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाया जा सके।

सरकारी और निजी स्वास्थ्य क्षेत्र के बीच बेहतर तालमेल

प्रशिक्षण कार्यक्रम में इस बात पर भी जोर दिया गया कि बच्चों में TB पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर coordination जरूरी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, updated guidelines की जानकारी healthcare workers तक पहुंचाने और जांच एवं उपचार की प्रक्रिया को मजबूत करने से बच्चों में TB की पहचान और रोकथाम को बेहतर किया जा सकता है।

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