23 सितंबर 2026: दिल्ली के कालकाजी इलाके में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, तीन युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर लड़की और उसके नाबालिग दोस्त को रोका और बाद में लड़की को सुनसान जगह ले जाकर उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें एक आरोपी को पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया।
जन्मदिन पर दोस्त के साथ मंदिर पहुंची थी लड़की
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता 17 वर्षीय लड़की है और वह सोमवार शाम अपने 17 वर्षीय पुरुष मित्र के साथ कालकाजी मंदिर में दर्शन के लिए आई थी। दोनों इसके बाद आस्था कुंज पार्क में गेट नंबर 7 से दाखिल हुए।
बताया गया कि इसी दौरान तीनों आरोपियों ने उन्हें रोका और खुद को पुलिसकर्मी बताया। आरोपियों ने कथित तौर पर दोनों नाबालिगों को यह कहकर डराया कि वे गलत काम कर रहे हैं और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है।
लड़की को सुनसान जगह ले जाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने लड़की को उसके दोस्त से अलग कर दिया और उसे पार्क के एक सुनसान हिस्से में ले गए। यह जगह आस्था कुंज पार्क के अंदर मौजूद एक पुराने और जर्जर ढांचे के पास बताई गई है।
पुलिस का आरोप है कि तीनों ने वहां लड़की के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने लड़की के दोस्त के साथ भी मारपीट की और उसे रोककर रखा।
एक आरोपी पर लड़की को हथियार दिखाकर धमकाने का भी आरोप है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पीड़िता के बयान के आधार पर कार्रवाई की गई है।
तीनों आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने आरोपियों की पहचान हेमंत, उसके भाई मुकेश और आसिफ के रूप में की है। पुलिस के अनुसार, हेमंत वकील है, जबकि उसका भाई मुकेश बीएससी गणित के अंतिम वर्ष का छात्र है। तीसरा आरोपी आसिफ ओखला सब्जी मंडी में काम करता है।
पुलिस का कहना है कि तीनों एक-दूसरे को जानते थे और पार्क के आसपास रहते या काम करते थे। हेमंत और मुकेश को उनके घर से गिरफ्तार किया गया, जबकि आसिफ को पकड़ने के दौरान पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई।
पुलिस से मुठभेड़ के बाद आसिफ गिरफ्तार
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार तड़के आसिफ के अमर कॉलोनी के डीएम ऑफिस रोड के पास होने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने उसे पकड़ने के लिए घेराबंदी की।
पुलिस का आरोप है कि आसिफ ने टीम पर गोली चलाई। एक गोली हेड कांस्टेबल की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक गोली आसिफ के पैर में लगी। उसे इलाज के लिए AIIMS ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।
पीड़िता का मेडिकल परीक्षण, POCSO के तहत मामला
घटना के बाद पीड़िता का AIIMS में मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच कर जरूरी साक्ष्य जुटाए।
अमर कॉलोनी थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट (POCSO) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। पुलिस आरोपों की जांच कर रही है और मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पार्क की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल
घटना के बाद आस्था कुंज पार्क की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पार्क कई तरफ से खुला हुआ है और कुछ हिस्सों में चारदीवारी भी क्षतिग्रस्त है। कुछ गेटों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती नहीं है और कुछ स्थानों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी नहीं है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी पार्क में इसी तरह की किसी घटना में शामिल रहे हैं। फिलहाल इस संबंध में कोई अन्य शिकायत सामने नहीं आई है, लेकिन पुलिस संभावित अन्य पीड़ितों की जानकारी भी जुटा रही है।
दिल्ली में महिला सुरक्षा को लेकर नए निर्देश
घटना के बीच दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने दिल्ली पुलिस को महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए विशेष कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों, मेट्रो स्टेशनों और संवेदनशील स्थानों के आसपास प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों की एक समर्पित ‘पिंक फोर्स’ बनाने को कहा है।
उन्होंने पैदल और मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग बढ़ाने, स्कूलों में POCSO और साइबर अपराध को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाने तथा संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया।
