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एशियन गेम्स में जालंधर के खिलाड़ियों पर टिकी उम्मीदें, हॉकी और एथलेटिक्स में दिखेगा दम

23 सितंबर 2026:  जापान में आयोजित हो रहे 20वें एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का अभियान जारी है और इस बार जालंधर की खेल प्रतिभाओं पर भी लोगों की खास नजर है। शहर और आसपास के इलाकों से जुड़े कई खिलाड़ी भारतीय दल का हिस्सा हैं और हॉकी के साथ-साथ एथलेटिक्स में भी देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। जालंधर लंबे समय से भारतीय हॉकी की नर्सरी के रूप में अपनी पहचान रखता है और एशियन गेम्स में भी इसका असर देखने को मिल रहा है।

हॉकी में जालंधर के चार खिलाड़ी

भारतीय पुरुष हॉकी टीम में जालंधर से जुड़े सुखजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, मंदीप सिंह और हार्दिक सिंह शामिल हैं। इन खिलाड़ियों की मौजूदगी से जालंधर के खेल प्रेमियों में खास उत्साह है। चारों खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और ओलंपिक जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं में भी देश के लिए खेल चुके हैं।

भारतीय हॉकी टीम एशियन गेम्स में अपने अभियान को आगे बढ़ा रही है। जालंधर से जुड़े खिलाड़ियों का अनुभव टीम के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर मनप्रीत सिंह लंबे समय से भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा रहे हैं और टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं।

मनप्रीत सिंह का लंबा अंतरराष्ट्रीय अनुभव

मनप्रीत सिंह भारतीय हॉकी के अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं। हाल ही में वह भारत के सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले हॉकी खिलाड़ी बने हैं। लंबे समय से राष्ट्रीय टीम में खेलने के कारण उनके पास एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट का व्यापक अनुभव है।

उनका अनुभव भारतीय टीम के लिए अहम हो सकता है, क्योंकि एशियन गेम्स में हर मुकाबले का दबाव काफी अधिक रहता है। जालंधर के खेल प्रेमियों की नजर भी उनके प्रदर्शन पर बनी हुई है।

सुखजीत सिंह की प्रेरणादायक कहानी

सुखजीत सिंह का सफर भी खास रहा है। जालंधर में जन्मे इस खिलाड़ी को कुछ साल पहले आंशिक पैरालिसिस की समस्या का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और दोबारा फिटनेस हासिल कर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई।

सुखजीत सिंह ने पेरिस ओलंपिक में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था, जहां भारत ने कांस्य पदक जीता था। अब एशियन गेम्स में भी उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। उनकी कहानी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का उदाहरण बनी हुई है।

मंदीप और हार्दिक भी टीम का हिस्सा

मंदीप सिंह और हार्दिक सिंह भी भारतीय हॉकी टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल हैं। दोनों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा अनुभव है और वे भारतीय टीम के साथ कई बड़े टूर्नामेंट खेल चुके हैं।

हार्दिक सिंह मिडफील्ड में अपनी भूमिका निभाते हैं, जबकि मंदीप सिंह भारतीय आक्रमण को मजबूती देते हैं। जालंधर के चार खिलाड़ियों की मौजूदगी ने इस एशियन गेम्स में शहर की हॉकी पहचान को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सामने ला दिया है।

एथलेटिक्स में भी जालंधर की मौजूदगी

जालंधर का प्रतिनिधित्व केवल हॉकी तक सीमित नहीं है। एथलेटिक्स में गुरिंदरवीर सिंह और रशदीप भी भारतीय अभियान का हिस्सा हैं। खासतौर पर गुरिंदरवीर सिंह से 100 मीटर स्प्रिंट में लोगों की उम्मीदें जुड़ी हैं। उन्हें भारत के प्रमुख 100 मीटर धावकों में गिना जाता है।

उनकी एशियन गेम्स में भागीदारी जालंधर के एथलेटिक्स प्रेमियों के लिए भी खास मौका है। हॉकी के साथ ट्रैक एंड फील्ड में शहर के खिलाड़ियों की मौजूदगी से जालंधर की खेल पहचान और व्यापक हुई है।

अमृतसर के खिलाड़ियों का भी जालंधर से जुड़ाव

भारतीय हॉकी टीम में अमृतसर से जुड़े हरमनप्रीत सिंह और दिलप्रीत सिंह सहित कुछ अन्य खिलाड़ियों का जालंधर से भी खेल संबंध रहा है। इन खिलाड़ियों ने जालंधर के प्रसिद्ध सुरजीत हॉकी स्टेडियम में खेला है। इससे दोनों शहरों की हॉकी संस्कृति के बीच मजबूत जुड़ाव दिखाई देता है।

एशियन गेम्स में भारत की नजर बड़े प्रदर्शन पर

20वें एशियन गेम्स जापान में आयोजित किए जा रहे हैं और भारत का बड़ा दल विभिन्न खेलों में हिस्सा ले रहा है। हॉकी भारतीय खेल अभियान के प्रमुख हिस्सों में शामिल है। 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने स्वर्ण पदक जीता था और इस बार भी टीम अपने प्रदर्शन को आगे बढ़ाने के लिए मैदान में है।

जालंधर के खिलाड़ियों की भागीदारी से शहर के लोगों की दिलचस्पी इस प्रतियोगिता में और बढ़ गई है। हॉकी के चार अनुभवी खिलाड़ियों के साथ एथलेटिक्स में भी जालंधर से जुड़े खिलाड़ियों की मौजूदगी शहर के लिए खास है।

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