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GMC अमृतसर में दो दिवसीय Faculty Development कार्यक्रम संपन्न

20 सितंबर, 2026 : Government Medical College (GMC), Amritsar में मेडिकल एजुकेशन यूनिट (MEU) की ओर से आयोजित दो दिवसीय Curriculum Implementation Support Programme (CISP) प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न हो गई। कार्यक्रम का आयोजन National Medical Commission (NMC) के दिशा-निर्देशों के तहत किया गया, जिसमें कॉलेज के विभिन्न विभागों के 30 फैकल्टी सदस्यों ने हिस्सा लिया।

मेडिकल शिक्षा को आधुनिक बनाने पर जोर

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मेडिकल फैकल्टी को Competency-Based Medical Education (CBME) और इसके नए घटकों से परिचित कराना था। कार्यक्रम के दौरान शिक्षण पद्धतियों को अधिक आधुनिक, व्यावहारिक और छात्र-केंद्रित बनाने से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।

कार्यशाला में मेडिकल शिक्षा में बदलते तरीकों और विद्यार्थियों को बेहतर तरीके से प्रशिक्षित करने के लिए जरूरी कौशल पर विशेष ध्यान दिया गया।

30 फैकल्टी सदस्यों ने लिया हिस्सा

कार्यक्रम में GMC अमृतसर के अलग-अलग विभागों से कुल 30 फैकल्टी सदस्यों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में लागू किए जा रहे नए तरीकों और पाठ्यक्रम से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य फैकल्टी को ऐसा प्रशिक्षण देना था, जिससे वे मेडिकल छात्रों को बदलती जरूरतों के अनुसार बेहतर शैक्षणिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण दे सकें।

डॉ. राजीव देवगन ने किया उद्घाटन

कार्यशाला का औपचारिक उद्घाटन GMC अमृतसर के Director Principal डॉ. राजीव देवगन ने किया। वहीं Christian Medical College (CMC), Ludhiana के डॉ. रोहित जॉन चौधरी ने NMC की ओर से नियुक्त आधिकारिक Observer के रूप में कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

कार्यक्रम का आयोजन MEU की Coordinator डॉ. लवीना ओबेरॉय के मार्गदर्शन में किया गया। Curriculum Committee के सदस्यों डॉ. मृदु गुप्ता, डॉ. अजय चाबड़ा, डॉ. नवयुगराज सिंह, डॉ. सरोज बाला, डॉ. राजीव अरोड़ा और डॉ. भूपिंदर सिंह वालिया ने भी प्रशिक्षण कार्यक्रम को संचालित करने में भूमिका निभाई।

Early Clinical Exposure और AETCOM पर चर्चा

प्रशिक्षण के दौरान Early Clinical Exposure, Attitude, Ethics and Communication (AETCOM) मॉड्यूल और आधुनिक teaching-learning methods जैसे विषयों को शामिल किया गया।

इसके अलावा skill training और student-doctor clinical teaching से जुड़े पहलुओं पर भी फैकल्टी सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। इन विषयों का उद्देश्य मेडिकल छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें क्लिनिकल और व्यावहारिक परिस्थितियों के लिए तैयार करना है।

Learner-centric और patient-centric education पर जोर

MEU Coordinator डॉ. लवीना ओबेरॉय ने कहा कि आधुनिक, learner-centric और patient-centric approaches को अपनाने से मेडिकल शिक्षा को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही इसका उद्देश्य आगे चलकर मरीजों को उपलब्ध कराई जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं को भी बेहतर बनाना है।

मेडिकल शिक्षा में छात्रों की जरूरतों के साथ-साथ मरीजों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया।

चर्चा और feedback session के साथ हुआ समापन

दो दिवसीय कार्यशाला को काफी interactive रखा गया। इसमें फैकल्टी सदस्यों के बीच विभिन्न विषयों पर खुलकर चर्चा हुई और प्रशिक्षण से जुड़े सवालों पर विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में faculty और participants से feedback लिया गया। इसके बाद प्रशिक्षण में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों को certificates भी वितरित किए गए।

मेडिकल शिक्षा में लगातार प्रशिक्षण की जरूरत

मेडिकल शिक्षा में पाठ्यक्रम और teaching methods में लगातार बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में फैकल्टी के लिए समय-समय पर training programmes आयोजित करना महत्वपूर्ण माना जाता है। GMC अमृतसर में आयोजित यह कार्यक्रम भी इसी दिशा में एक पहल रहा, जिसमें CBME और आधुनिक मेडिकल teaching methods से जुड़े पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया।

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