19 सितंबर, 2026 : पंजाब के अमृतसर में ड्यूटी पर तैनात पंजाब पुलिस के एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना शुक्रवार तड़के भगतांवाला अनाज मंडी के पास हुई। पुलिस के अनुसार, बाइक/स्कूटर सवार अज्ञात हमलावरों ने ASI हरजीत सिंह को निशाना बनाया और मौके से फरार हो गए। इस घटना को पंजाब में इस साल पुलिसकर्मियों पर हुआ चौथा targeted attack बताया जा रहा है।
ड्यूटी के दौरान ASI पर हमला
मृतक ASI की पहचान हरजीत सिंह के रूप में हुई है। वह तरनतारन के रहने वाले थे और गेट हकीमा थाना क्षेत्र में तैनात थे। घटना के समय वह ड्यूटी पर थे और भगतांवाला अनाज मंडी के आसपास मौजूद थे।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, हरजीत सिंह गुरुवार रात करीब 9:30 बजे ड्यूटी के लिए निकले थे। CCTV फुटेज में दो संदिग्धों को स्कूटर पर इलाके में पहुंचते हुए देखा गया है। पुलिस को रात करीब 1:05 बजे एक पुलिसकर्मी को गोली मारे जाने की सूचना मिली। इसके बाद हरजीत सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
CCTV फुटेज से हमलावरों की तलाश
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। जांच टीम संदिग्धों की गतिविधियों और उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल से एक गोली का खोखा भी बरामद किया गया है। प्रारंभिक फोरेंसिक जांच में एक गोली चलाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, घटना से जुड़ी अन्य जानकारी पोस्टमार्टम और विस्तृत फोरेंसिक जांच के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद है।
DGP गौरव यादव ने घटनास्थल का दौरा किया
पंजाब के DGP गौरव यादव ने घटनास्थल का दौरा किया और मामले की जांच की समीक्षा की। उन्होंने मृतक ASI के परिवार से भी मुलाकात की।
DGP ने बताया कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से हमलावरों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
पुलिस विदेशी हैंडलर्स और पाकिस्तान से संचालित संभावित तत्वों की भूमिका की भी जांच कर रही है। हालांकि, अभी तक हमले के पीछे का अंतिम कारण और आरोपियों की पहचान आधिकारिक रूप से सामने नहीं आई है।
पंजाब में पुलिसकर्मियों पर चौथा targeted attack
हरजीत सिंह की हत्या को पंजाब में इस साल पुलिसकर्मियों पर हुआ चौथा targeted attack बताया गया है।
इससे पहले गुरदासपुर के डोरांगला में दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या की गई थी। इसके अलावा मई में ASI जोगा सिंह की हत्या हुई थी। वहीं, रासांसी इलाके में ASI जसवंत सिंह पर भी फायरिंग की गई थी, जिसमें वह घायल हुए थे और बच गए थे।
इन घटनाओं के बाद पंजाब पुलिस ने पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और ऐसे हमलों से निपटने के लिए अपनी operational preparedness की भी समीक्षा की है।
परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता
पंजाब सरकार ने ASI हरजीत सिंह के परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये की ex-gratia सहायता की घोषणा की है। इसके अलावा परिवार को HDFC Bank की ओर से करीब 1 करोड़ रुपये का बीमा लाभ भी मिलने की जानकारी सामने आई है।
सरकार की ओर से परिवार के एक पात्र सदस्य को सरकारी नौकरी देने की बात भी कही गई है। हरजीत सिंह का अंतिम संस्कार पुलिस सम्मान के साथ किए जाने की जानकारी भी अधिकारियों ने दी है।
हमले के पीछे की वजह की जांच जारी
फिलहाल पुलिस हमले के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों की ओर से अभी किसी एक कारण को अंतिम रूप से जिम्मेदार नहीं बताया गया है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना का संबंध पंजाब में पुलिसकर्मियों पर हुए पहले के हमलों से है। इसके साथ ही विदेशी हैंडलर्स या सीमा पार से जुड़े किसी नेटवर्क की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है और आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमें काम कर रही हैं।
