18 सितंबर, 2026 : उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी के साथ अब AI से तैयार किए गए वीडियो और फिल्मों का इस्तेमाल भी चर्चा में है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने 18 सितंबर 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक नई AI-generated motion film दिखाई, जिसमें उन्हें ‘Angry Young Man’ की भूमिका में और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक काल्पनिक विरोधी किरदार के रूप में दिखाया गया।
80 के दशक की फिल्मों की शैली में तैयार की गई AI फिल्म
रिपोर्ट के मुताबिक, समाजवादी पार्टी की ओर से दिखाई गई यह AI फिल्म 1980 के दशक की हिंदी फिल्मों की शैली से प्रेरित है। इसमें अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ के AI-generated किरदारों के बीच एक काल्पनिक संवाद दिखाया गया है।
फिल्म में योगी आदित्यनाथ के किरदार को पुराने दौर की बॉलीवुड फिल्मों के खलनायक जैसे अंदाज में पेश किया गया है। वहीं अखिलेश यादव का किरदार ‘Angry Young Man’ की शैली में दिखाई देता है। यह प्रस्तुति राजनीतिक व्यंग्य और विपक्षी हमले के तौर पर तैयार की गई है।
योगी को ‘Ajay Seth’ कहकर संबोधित करता है किरदार
AI फिल्म में अखिलेश यादव का किरदार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बार-बार ‘Ajay Seth’ कहकर संबोधित करता है। रिपोर्ट के अनुसार, यह नाम उनके वास्तविक नाम ‘Ajay Bisht’ का बदला हुआ व्यंग्यात्मक रूप है।
फिल्म में दोनों किरदारों के बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति और सरकार के कामकाज को लेकर तीखा काल्पनिक संवाद दिखाया गया है।
कानून-व्यवस्था और महंगाई समेत कई मुद्दों पर हमला
AI फिल्म में अखिलेश यादव के किरदार की ओर से उत्तर प्रदेश सरकार पर महिलाओं के खिलाफ अपराध, एक्सप्रेसवे निर्माण की गुणवत्ता, भ्रष्टाचार, सरकारी शिक्षा व्यवस्था और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर आरोप लगाए जाते हैं।
इसके अलावा फिल्म में महंगाई, गैस सिलेंडर, राशन और आम लोगों की आर्थिक परेशानियों को भी राजनीतिक संवाद का हिस्सा बनाया गया है। इन बयानों को फिल्म के काल्पनिक राजनीतिक संवाद के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि स्वतंत्र रूप से सत्यापित निष्कर्ष के रूप में।
फिल्म में PR मशीनरी को लेकर भी व्यंग्य
फिल्म में योगी आदित्यनाथ के AI किरदार को अपनी PR व्यवस्था को लेकर भी दावा करते हुए दिखाया गया है। इस किरदार के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि सरकार अपनी छवि बनाने और जनता की धारणा प्रभावित करने के लिए PR का इस्तेमाल करती है।
इसके जवाब में अखिलेश यादव के किरदार की ओर से कहा जाता है कि जनता का समर्थन किसी भी PR व्यवस्था का मुकाबला कर सकता है।
अयोध्या राम मंदिर को लेकर भी दिखाया गया संवाद
AI फिल्म में अयोध्या राम मंदिर से जुड़े दान और राजनीतिक व्यवस्था को लेकर भी एक काल्पनिक संवाद दिखाया गया है। इसमें योगी आदित्यनाथ के किरदार को कथित तौर पर ऐसा स्वीकार करते हुए दिखाया गया है कि उसके राजनीतिक मॉडल में लोगों के बीच विभाजन और समुदायों के बीच तनाव पैदा करना शामिल है।
यह फिल्म की काल्पनिक प्रस्तुति है और इसमें लगाए गए आरोप समाजवादी पार्टी के राजनीतिक हमले का हिस्सा हैं। रिपोर्टों में इन दावों को किसी स्वतंत्र जांच के निष्कर्ष के रूप में स्थापित नहीं किया गया है।
वीडियो के अंत में 2027 चुनाव का संदेश
फिल्म के अंतिम हिस्से में बड़ी संख्या में सपा समर्थकों को दिखाया गया है। उनके हाथों में ‘2027 mein PDA Sarkar’ जैसे संदेश वाले पोस्टर दिखाई देते हैं।
इससे स्पष्ट है कि AI फिल्म को आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के राजनीतिक प्रचार और संदेश के संदर्भ में पेश किया गया है।
पहले भी AI वीडियो को लेकर हो चुका है विवाद
यह पहली बार नहीं है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में AI-generated वीडियो को लेकर विवाद सामने आया है। इससे पहले अखिलेश यादव की मौजूदगी में एक अन्य AI वीडियो दिखाया गया था, जिसमें योगी आदित्यनाथ को व्यंग्यात्मक अंदाज में दिखाया गया था।
उस वीडियो पर भाजपा की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई थी और पार्टी ने इसे धार्मिक भावनाओं के अपमान से जोड़कर आलोचना की थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश की राजनीतिक लड़ाई में AI वीडियो को लेकर दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी तेज हुई।
चुनावी राजनीति में AI का बढ़ता इस्तेमाल
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले AI-generated कंटेंट राजनीतिक संचार का एक नया माध्यम बनता दिखाई दे रहा है। अगस्त के अंत में भी भाजपा समर्थित सोशल मीडिया सामग्री और समाजवादी पार्टी की ओर से AI-generated गीतों और वीडियो को लेकर राजनीतिक गतिविधियां सामने आई थीं।
ThePrint ने इसे दोनों दलों के बीच डिजिटल और AI आधारित राजनीतिक प्रचार की बढ़ती होड़ के रूप में रिपोर्ट किया है।
