10 सितंबर 2026: चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। स्टेशन के पुनर्विकास और अपग्रेडेशन कार्य को गति देने के लिए आज यानी 10 सितंबर 2026 से 36 दिन का पावर एवं ट्रैफिक ब्लॉक शुरू हो गया है। यह ब्लॉक 15 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान रेलवे स्टेशन की अलग-अलग लाइनों और प्लेटफॉर्म को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाएगा, जिससे बड़ी संख्या में ट्रेन सेवाएं प्रभावित होंगी।
स्टेशन पर चल रहा है बड़ा अपग्रेडेशन काम
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) की ओर से किया जा रहा है। करीब ₹462 करोड़ की इस परियोजना का उद्देश्य स्टेशन को आधुनिक और विश्वस्तरीय मल्टीमॉडल ट्रांजिट हब के रूप में विकसित करना है।
मौजूदा कार्य के तहत स्टेशन पर नए थ्रू-रूफ स्ट्रक्चर के निर्माण के साथ पुराने फुट ओवरब्रिज (FOB) के गार्डरों को हटाया जाना है। इन कार्यों के लिए रेलवे लाइनों और प्लेटफॉर्म को कुछ समय के लिए बंद करना जरूरी है।
तीन चरणों में होगा 36 दिन का काम
रेलवे ने पूरे ब्लॉक को तीन चरणों में बांटा है। हर चरण करीब 12 दिनों का होगा, जिसमें अलग-अलग रेलवे लाइन और प्लेटफॉर्म प्रभावित होंगे।
पहला चरण 10 सितंबर से 21 सितंबर तक रहेगा। इस दौरान लाइन 6, लाइन 7 और लाइन 8 को बंद रखा जाएगा। इसके बाद 22 सितंबर से 3 अक्टूबर तक लाइन 4 और लाइन 5 पर काम होगा।
तीसरे चरण में 4 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक लाइन 1, लाइन 2 और लाइन 3 प्रभावित रहेंगी। इस तरह अलग-अलग चरणों में स्टेशन की लगभग सभी प्रमुख लाइनों पर काम किया जाएगा।
442 ट्रेन ट्रिप्स रहेंगी रद्द
36 दिन के इस ब्लॉक का सीधा असर ट्रेन यात्रियों पर पड़ेगा। रेलवे के अनुसार, इस अवधि में 12 ट्रेन सेवाओं की कुल 442 ट्रिप्स रद्द रहेंगी।
रद्द होने वाली सेवाओं में दिल्ली-कालका, चंडीगढ़-अमृतसर, चंडीगढ़-फिरोजपुर, अंबाला-जालंधर सिटी, अंबाला-दिल्ली और अंबाला-कालका जैसी सेवाएं शामिल हैं। यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का ताजा शेड्यूल जरूर जांचने की सलाह दी गई है।
कुछ ट्रेनें अंबाला कैंट से चलेंगी
ब्लॉक के कारण कुछ ट्रेनें चंडीगढ़ तक नहीं आएंगी और न ही चंडीगढ़ से शुरू होंगी। ऐसी कुछ सेवाओं को अंबाला कैंट स्टेशन पर शॉर्ट-टर्मिनेट या शॉर्ट-ऑरिजिनेट किया जाएगा।
इनमें रामनगर-चंडीगढ़ एक्सप्रेस, अजमेर-चंडीगढ़ गरीब रथ और उदयपुर-चंडीगढ़ एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें शामिल हैं। प्रभावित यात्रियों को चंडीगढ़ और अंबाला कैंट के बीच आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था करनी होगी।
यात्रियों को पहले से करनी होगी तैयारी
इस ब्लॉक के दौरान चंडीगढ़ आने या यहां से ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने की जरूरत होगी। जिन यात्रियों की ट्रेन अंबाला कैंट से शुरू या समाप्त होगी, उन्हें अतिरिक्त सड़क यात्रा का समय भी ध्यान में रखना होगा।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति, प्लेटफॉर्म और रूट में हुए बदलाव की जानकारी जरूर जांच लें। इसके लिए रेलवे की ऑनलाइन पूछताछ सेवाओं और 139 हेल्पलाइन का इस्तेमाल किया जा सकता है।
त्योहारों के सीजन में बढ़ सकती है परेशानी
सितंबर और अक्टूबर के दौरान त्योहारों और छुट्टियों के कारण रेल यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे में लंबे समय तक चलने वाला यह ब्लॉक यात्रियों के लिए अतिरिक्त परेशानी पैदा कर सकता है।
विशेष रूप से चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली और आसपास के क्षेत्रों से ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को प्रभावित सेवाओं की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।
स्टेशन के विकास के लिए जरूरी है काम
हालांकि 36 दिन का ब्लॉक यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनेगा, लेकिन रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिहाज से यह काम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ विकसित करने की योजना के तहत निर्माण कार्य किया जा रहा है।
रेलवे के अनुसार, काम पूरा होने के बाद स्टेशन को यात्रियों के लिए अधिक आधुनिक और सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी। परियोजना का 90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा होने की जानकारी दी गई है।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से यात्रा करने वाले यात्रियों को सलाह है कि वे अपनी यात्रा से पहले ट्रेन का नया शेड्यूल जरूर देखें। केवल पुराने टिकट या सामान्य समय-सारणी के आधार पर स्टेशन पहुंचना परेशानी का कारण बन सकता है।
अगर ट्रेन अंबाला कैंट से शुरू या समाप्त हो रही है, तो चंडीगढ़ और अंबाला के बीच अतिरिक्त यात्रा समय को भी अपनी योजना में शामिल करना जरूरी होगा।
