8 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में बिजली विभाग की कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। बैरिया थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव में बिजली का तार टूटकर गिरने से 67 वर्षीय बुजुर्ग की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिवार की शिकायत पर बिजली विभाग के उपखंड अधिकारी (SDO) और अवर अभियंता (JE) के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
घर के बाहर टहल रहे थे बुजुर्ग
पुलिस के अनुसार, मिर्जापुर गांव निवासी हृदयानंद वर्मा मंगलवार तड़के अपने घर के बाहर टहल रहे थे। इसी दौरान अचानक बिजली का तार टूटकर उनके ऊपर गिर गया। तार में करंट होने के कारण वह उसकी चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद गांव में भी लोगों के बीच नाराजगी देखने को मिली।
200 से ज्यादा शिकायतें करने का आरोप
मृतक के पौत्र अवनीश मौर्य की ओर से दी गई तहरीर में बिजली विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि गांव में खराब और जर्जर बिजली के तार को बदलने के लिए पिछले चार महीनों में SDO और JE से 200 से अधिक बार शिकायत की गई थी।
परिजनों का आरोप है कि बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद बिजली का तार नहीं बदला गया। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने कथित तौर पर तार बदलवाने के लिए चंदा भी इकट्ठा किया था और इसके लिए धनराशि उपलब्ध कराई थी। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
तार टूटने से चली गई बुजुर्ग की जान
परिवार का आरोप है कि अगर समय रहते जर्जर तार को बदल दिया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था। बिजली के तार के टूटकर गिरने से हृदयानंद वर्मा उसकी चपेट में आ गए और उनकी जान चली गई।
घटना ने गांव में बिजली के पुराने और खराब तारों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की लाइनों से जुड़ी शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई होना बेहद जरूरी है, क्योंकि किसी भी लापरवाही से गंभीर हादसा हो सकता है।
SDO और JE के खिलाफ FIR
मृतक के पौत्र की शिकायत के आधार पर पुलिस ने विद्युत उपकेंद्र बैरिया के उपखंड अधिकारी हंसराज यादव और अवर अभियंता मनोज कुमार वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। दोनों अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस उपाधीक्षक आलोक गुप्ता ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों और लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।
हादसे के बाद गांव में नाराजगी
बिजली के तार से हुए इस हादसे के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि अगर शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई होती तो शायद बुजुर्ग की जान बचाई जा सकती थी।
मामले में पुलिस अब यह जांच करेगी कि बिजली के तार की स्थिति क्या थी, क्या पहले से इसकी शिकायतें अधिकारियों तक पहुंची थीं और शिकायतों के बावजूद उसे बदलने के लिए क्या कदम उठाए गए थे।
जांच के बाद सामने आएगी जिम्मेदारी
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की वास्तविक जिम्मेदारी और हादसे के पीछे लापरवाही की स्थिति जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
यह घटना बिजली विभाग में शिकायतों के समय पर निस्तारण और जर्जर बिजली लाइनों की नियमित जांच की जरूरत को भी सामने लाती है। खासकर गांवों में खुले और पुराने बिजली तारों से जुड़े मामलों में समय पर मरम्मत और सुरक्षा उपाय बेहद महत्वपूर्ण हैं।
