7 सितंबर 2026 उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। राज्य के तराई और पूर्वी हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने सोमवार यानी 7 सितंबर 2026 को नेपाल सीमा से लगे कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। तराई और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9 सितंबर तक मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। हालांकि इसके बाद राज्य में मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने का अनुमान है।
नेपाल सीमा से लगे जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को नेपाल से सटे यूपी के तराई क्षेत्र में गरज-चमक के साथ कहीं मध्यम तो कहीं भारी बारिश हो सकती है। बहराइच, बलरामपुर, गोंडा, लखीमपुर खीरी, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, श्रावस्ती और आसपास के इलाकों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट बताया गया है।
वहीं एक अन्य मौसम अपडेट के मुताबिक महराजगंज और बिजनौर समेत कुछ अन्य जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है। ऐसे में तराई क्षेत्र के लोगों को मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पूर्वी यूपी में भी बारिश का असर
पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 7 सितंबर को सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और हरदोई समेत कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकर नगर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गोरखपुर, देवरिया, संत कबीर नगर और कुशीनगर में भी कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है।
लखनऊ और आसपास कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी लखनऊ में सोमवार को कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने लगी हैं, जिसके चलते बारिश के बाद उमस और गर्मी का असर बढ़ सकता है।
लखनऊ में रविवार को अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में बदलाव के साथ राजधानी में बादल, धूप और हल्की बारिश का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है।
गोरखपुर, देवरिया और पूर्वांचल में बारिश
पूर्वांचल के कई जिलों में सोमवार को बारिश की संभावना बनी हुई है। गोरखपुर, देवरिया, संत कबीर नगर और कुशीनगर जैसे जिलों में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में स्थानीय नदियों और जलस्तर पर भी प्रशासन की नजर बनी रह सकती है।
पश्चिमी यूपी में बारिश की रफ्तार हो सकती है कम
जहां पूर्वी और तराई इलाकों में बारिश का दौर जारी है, वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सोमवार के बाद मौसम अपेक्षाकृत शांत होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार से राज्य के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम काफी हद तक शुष्क रह सकता है। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना बनी रह सकती है।
पिछले दिनों पश्चिमी यूपी के कई जिलों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। रविवार को बरेली में 141.3 मिमी, बिजनौर में 134 मिमी और मुरादाबाद में 114 मिमी बारिश दर्ज की गई।
9 सितंबर तक बारिश के आसार
अमर उजाला की मौसम रिपोर्ट के अनुसार तराई और पूर्वी यूपी के कई जिलों में 9 सितंबर तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक सोमवार और मंगलवार को तराई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इसके बाद मौसम प्रणाली कमजोर होने से बारिश की गतिविधियों में कमी आने की उम्मीद है।
किसानों के लिए भी जरूरी सावधानी
बारिश के बीच किसानों को फसलों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। तेज बारिश और जलभराव से खेतों में पानी जमा होने की स्थिति में फसलों को नुकसान हो सकता है। किसानों को स्थानीय मौसम अपडेट और कृषि विभाग की सलाह के अनुसार जरूरी कदम उठाने चाहिए।
मौसम विभाग की चेतावनी के बीच सतर्क रहने की जरूरत
भारी बारिश के दौरान लोगों को अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए। बिजली चमकने और गरज के दौरान खुले स्थानों पर रहने से भी बचने की सलाह दी जाती है। स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी किसी भी चेतावनी या एडवाइजरी का पालन करना जरूरी है।
