7 सितंबर 2026 पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव और वरिष्ठ IAS अधिकारी अनुराग वर्मा की प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने होने वाली पेशी की तारीख दो दिन आगे बढ़ा दी गई है। अब उन्हें 9 सितंबर 2026 को ED के सामने पेश होना होगा। ED ने ईमेल के जरिए उन्हें नई तारीख की जानकारी दी है। इससे पहले उनकी पेशी 7 सितंबर को निर्धारित थी।
31 अगस्त को होना था पहली पेशी
अनुराग वर्मा को इससे पहले ED ने 31 अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाया था। हालांकि, उन्होंने उसी दिन पेशी के लिए और समय मांगा था। इसके बाद जांच एजेंसी ने नई तारीख तय की।
वर्मा वर्तमान में पंजाब सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव-कम-वित्तीय आयुक्त (राजस्व) के पद पर कार्यरत हैं। ED की जांच में उनकी उस अवधि से जुड़े प्रशासनिक फैसलों और सरकारी रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है, जब वह हाउसिंग एवं अर्बन डेवलपमेंट विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर थे।
Suntec City और Altus Space Builders मामले में जांच
ED की जांच मोहाली से जुड़े Suntec City और Altus Space Builders रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में कथित अनियमितताओं पर केंद्रित है। एजेंसी Change of Land Use (CLU) की मंजूरी, स्वीकृत लेआउट में बदलाव और डेवलपमेंट अप्रूवल से जुड़े प्रशासनिक फैसलों की जांच कर रही है।
जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि इन परियोजनाओं से जुड़े फैसलों में निर्धारित प्रक्रियाओं और नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
Kanwal Preet Brar से भी हो चुकी है पूछताछ
अनुराग वर्मा से पहले पंजाब कैडर की IAS अधिकारी कनवर प्रीत बराड़ से ED पूछताछ कर चुकी है। उन्हें 18 अगस्त और 27 अगस्त को एजेंसी के सामने पेश होना पड़ा था।
बराड़ से Suntec City परियोजना में CLU की मंजूरी और स्वीकृत लेआउट में किए गए बदलावों से जुड़े मामलों पर सवाल किए गए थे। अधिकारियों ने अपनी ओर से यह स्पष्ट किया है कि उन्होंने किसी नियम के उल्लंघन की अनुमति नहीं दी और न ही किसी बिल्डर को अनुचित लाभ पहुंचाया।
CLU और लेआउट में बदलाव जांच के केंद्र में
ED की जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संबंधित रियल एस्टेट परियोजनाओं में जमीन के इस्तेमाल में बदलाव की मंजूरी किस प्रक्रिया के तहत दी गई और बाद में स्वीकृत लेआउट में क्या-क्या बदलाव किए गए।
Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, एजेंसी यह भी जांच रही है कि जमीन मालिकों की सहमति से जुड़े दस्तावेजों और कथित शिकायतों पर संबंधित विभागों ने क्या कार्रवाई की। हालांकि, किसी अधिकारी को समन किया जाना अपने आप में अपराध या आपराधिक जिम्मेदारी साबित नहीं करता।
Suntec City मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला मोहाली के पालहेरी गांव के जमीन मालिकों की शिकायतों से जुड़ा है। शिकायतों में कथित तौर पर जमीन के विकास के लिए सहमति पत्रों में फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान के इस्तेमाल के आरोप लगाए गए थे।
इन शिकायतों के आधार पर नवंबर 2022 में पंजाब के मुल्लांपुर थाने में FIR दर्ज की गई थी। बाद में इसी मूल आपराधिक मामले के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि कथित फर्जी सहमति पत्रों के आधार पर कृषि भूमि के बड़े हिस्से के लिए CLU मंजूर कराया गया।
अधिकारियों की भूमिका की हो रही जांच
ED फिलहाल संबंधित अधिकारियों की भूमिका और उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए प्रशासनिक फैसलों की जांच कर रही है। एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि CLU मंजूरी, लेआउट में बदलाव और अन्य सरकारी अनुमतियों की प्रक्रिया क्या थी और क्या इसमें नियमों का पालन किया गया।
अनुराग वर्मा और कनवर प्रीत बराड़ से जुड़ी कार्रवाई इसी जांच का हिस्सा है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों अधिकारियों को जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
अब 9 सितंबर को पेश होंगे अनुराग वर्मा
ED द्वारा समन की तारीख बदलने के बाद अब अनुराग वर्मा को 9 सितंबर को एजेंसी के सामने पेश होना है। उनकी पूछताछ में मोहाली के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स से जुड़े प्रशासनिक रिकॉर्ड, CLU मंजूरियों और लेआउट में हुए बदलावों से संबंधित जानकारी पर सवाल किए जाने की संभावना है।
जांच अभी जारी है और ED की पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
