7 सितंबर 2026 दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बहुमंजिला इमारत गिरने की घटना के बाद नगर निगम ने बड़ा एक्शन लिया है। हादसे के एक दिन बाद MCD ने साउथ जोन के पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इनमें डिप्टी कमिश्नर के अलावा चार इंजीनियर शामिल हैं। सभी अधिकारियों को अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित रहने तक सस्पेंड किया गया है।
डिप्टी कमिश्नर समेत पांच अधिकारी निलंबित
MCD की कार्रवाई के तहत साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार को निलंबित किया गया है। उनके अलावा सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर रणवीर सिंह, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (बिल्डिंग) ललित कुमार गोयल, असिस्टेंट इंजीनियर (बिल्डिंग) सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर (बिल्डिंग) आशीष कुमार को भी सस्पेंड किया गया है।
निलंबन आदेशों के मुताबिक अधिकारियों को सस्पेंशन की अवधि के दौरान नियमों के तहत निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। यह कार्रवाई अनुशासनात्मक कार्यवाही के लंबित रहने तक प्रभावी रहेगी।
सत्य निकेतन में ढही थी पांच मंजिला इमारत
साउथ दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक पुरानी बहुमंजिला इमारत अचानक ढह गई थी। यह इमारत छात्रों के लिए पेइंग गेस्ट आवास के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी। हादसे के बाद दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, NDRF और अन्य एजेंसियों ने बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
हादसे में कम से कम सात लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है, जबकि कई लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला गया। सोमवार को भी बचाव अभियान जारी रहा और अधिकारियों ने मलबे के नीचे अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका के बीच तलाशी अभियान चलाया।
इमारत की सुरक्षा और निर्माण नियमों पर सवाल
हादसे के बाद पुरानी इमारतों की सुरक्षा और अवैध निर्माण को लेकर सवाल उठे हैं। दिल्ली सरकार ने MCD को चार मंजिल से अधिक वाली अवैध निर्माण वाली इमारतों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और उन्हें सील करने के निर्देश दिए हैं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी हादसे के बाद अधिकारियों को जिम्मेदारी तय करने और लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सरकार ने शहर में इसी तरह की इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की दिशा में भी कदम उठाने की बात कही है।
पानी जमा होने और मरम्मत कार्य की भी जांच
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे से पहले इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसमेंट में पानी जमा होने और पुरानी इमारत में चल रहे मरम्मत कार्य के बीच संभावित संबंध की जांच की जा रही है। हालांकि, हादसे के अंतिम कारणों का निर्धारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
बिल्डिंग मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई
हादसे के बाद प्रशासन ने इमारत के मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है। दिल्ली सरकार की ओर से मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं और बिल्डिंग मालिक के खिलाफ FIR दर्ज करने की बात सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अन्य इमारतों की भी होगी जांच
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में पुरानी और जोखिम वाली इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी कार्रवाई तेज करने की तैयारी है। सरकार ऐसी इमारतों के स्ट्रक्चरल ऑडिट और सुरक्षा प्रमाणन को लेकर नीति तैयार करने पर जोर दे रही है, खासकर उन इमारतों के लिए जिनका इस्तेमाल PG, नर्सिंग होम, स्कूल या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जाता है।
