7 सितंबर 2026 दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला बिल्डिंग गिरने के मामले में पुलिस ने उसके मालिकों की पहचान कर ली है। अधिकारियों के मुताबिक, बिल्डिंग के मालिक गुरुग्राम निवासी तीन भाई हरि राम बंसल, आनंद बंसल और आजाद बंसल हैं। हादसे के बाद पुलिस ने हरि राम बंसल के खिलाफ Lookout Circular (LOC) जारी किया है, क्योंकि वह फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है।
हरि राम बंसल को बताया गया मुख्य मालिक
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हरि राम बंसल को गिरी हुई बिल्डिंग का मालिक बताया गया है। हादसे के बाद से वह लापता है। पुलिस की कई टीमें उसे तलाशने के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं।
Lookout Circular जारी होने के बाद संबंधित एजेंसियों को भी उसके देश से बाहर जाने की स्थिति में सतर्क रहने के लिए सूचना दी गई है। पुलिस का उद्देश्य उसे जल्द से जल्द तलाशकर मामले की जांच को आगे बढ़ाना है।
दो अन्य भाइयों की भी हुई पहचान
पुलिस की कार्रवाई में हरि राम के साथ उसके भाइयों आनंद बंसल और आजाद बंसल के नाम भी सामने आए हैं। तीनों भाइयों को इस पांच मंजिला इमारत के मालिकों के रूप में पहचान गया है।
हालांकि, पुलिस की मौजूदा कार्रवाई में विशेष रूप से हरि राम बंसल को तलाशा जा रहा है। मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
बिल्डिंग में चल रहा था लड़कों का PG
सत्य निकेतन की यह बिल्डिंग दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित थी और इसमें लड़कों के लिए Paying Guest (PG) accommodation चल रहा था।
रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई। हादसे के समय बिल्डिंग के अंदर छात्र और अन्य लोग मौजूद थे। इसके बाद मौके पर बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया।
हादसे में छह लोगों की मौत
हादसे के बाद NDRF और अन्य बचाव एजेंसियों ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए अभियान चलाया। अधिकारियों के मुताबिक, 11 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला गया, जबकि छह लोगों की मौत हुई।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। बचाव दलों ने लगातार मलबा हटाकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि कोई अन्य व्यक्ति अंदर फंसा न रह गया हो।
बिल्डिंग गिरने के कारणों की जांच जारी
पुलिस और प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि आखिर पांच मंजिला बिल्डिंग कैसे ढही। अधिकारियों के अनुसार, हादसे के समय बिल्डिंग में मरम्मत या बदलाव का काम चल रहा था।
आरके पुरम से BJP विधायक अनिल शर्मा ने बताया कि बिल्डिंग करीब 40 साल पुरानी बताई जा रही है और इसमें बेसमेंट या ग्राउंड फ्लोर के स्तर पर मरम्मत अथवा बदलाव का काम चल रहा था। उन्होंने आशंका जताई कि लोड-बेयरिंग दीवारों में बदलाव किया गया हो सकता है। हालांकि, बिल्डिंग गिरने का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
पुलिस ने दर्ज किया FIR
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने साउथ कैंपस थाने में FIR दर्ज की है। हरि राम और अन्य के खिलाफ culpable homicide, संरचना के रखरखाव में लापरवाही और लोगों की सुरक्षा खतरे में डालने समेत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अब मामले से जुड़े दस्तावेज, बिल्डिंग की स्थिति, निर्माण और मरम्मत से संबंधित पहलुओं तथा अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
अवैध पांच मंजिला इमारतों पर कार्रवाई के निर्देश
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने शहर में मौजूद अवैध पांच मंजिला इमारतों की जांच और उन्हें सील करने की दिशा में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी घटनास्थल का दौरा कर बचाव अभियान और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से ऐसी इमारतों की सुरक्षा को लेकर आगे सख्त कदम उठाने की बात कही गई है।
आगे क्या होगी कार्रवाई?
फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस हरि राम बंसल को तलाशने और मामले की जांच को आगे बढ़ाने पर है। Lookout Circular जारी होने के बाद पुलिस और संबंधित एजेंसियां उसके संभावित ठिकानों पर नजर रख रही हैं।
साथ ही, हादसे के पीछे किसी तरह की निर्माण संबंधी लापरवाही, नियमों का उल्लंघन या मरम्मत के दौरान संरचनात्मक बदलाव हुआ था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
