7 सितंबर 2026 दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हादसे के बाद से फरार चल रहे इमारत के मालिक हरिराम गुप्ता को राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में आगे की जांच जारी है।
सत्य निकेतन में भरभराकर गिरी थी पांच मंजिला इमारत
यह हादसा दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुआ था। कई दशक पुरानी पांच मंजिला इमारत में छात्रों के लिए पेइंग गेस्ट यानी PG accommodation चल रहा था। इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था, इसी दौरान वह अचानक ढह गई।
हादसे के बाद बड़ी संख्या में लोग मलबे में फंस गए। पुलिस, दमकल विभाग, NDRF और अन्य राहत एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर बचाव और राहत अभियान चलाया। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
हादसे के बाद मालिक की तलाश में जुटी थी पुलिस
इमारत गिरने के बाद पुलिस ने उसके कथित मालिक हरिराम के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में लगाई गई थीं। बाद में उसे पकड़ने के लिए लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया।
पुलिस ने दिल्ली के अलावा आसपास के राज्यों में भी उसकी तलाश की। इसी कार्रवाई के दौरान हरिराम गुप्ता को राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ा गया।
मरम्मत कार्य भी जांच के घेरे में
पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, इमारत में गिरने से पहले मरम्मत या निर्माण से जुड़ा काम चल रहा था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इमारत की संरचनात्मक स्थिति कैसी थी और वहां किस तरह का काम किया जा रहा था।
अधिकारियों की ओर से हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है, इसलिए किसी एक कारण को अभी अंतिम रूप से जिम्मेदार नहीं माना गया है।
मालिक के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला
दिल्ली पुलिस ने हादसे के बाद इमारत के कथित मालिक और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। मामले में लापरवाही, ढांचे के रखरखाव में चूक और लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।
पुलिस अब हरिराम गुप्ता से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश करेगी कि इमारत में मरम्मत का काम किसकी निगरानी में चल रहा था और हादसे से पहले वहां सुरक्षा से जुड़े क्या इंतजाम किए गए थे।
इमारतों की सुरक्षा पर उठे सवाल
सत्य निकेतन हादसे ने दिल्ली में पुरानी और अवैध तरीके से इस्तेमाल की जा रही इमारतों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े किए हैं। इलाके में कई इमारतों का इस्तेमाल छात्रों के लिए PG और हॉस्टल के रूप में किया जाता है।
हादसे के बाद नगर निगम और प्रशासन की ओर से आसपास की इमारतों की स्थिति की भी जांच की जा रही है। एक अन्य इमारत को खतरनाक स्थिति में पाए जाने के बाद उसे गिराने के आदेश दिए गए हैं।
कई अधिकारियों पर भी कार्रवाई
हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई शुरू हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, MCD के दक्षिण क्षेत्र से जुड़े पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि जांच केवल इमारत के मालिक तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि निर्माण और भवन सुरक्षा की निगरानी से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
हरिराम गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की जांच में तेजी आने की उम्मीद है। अधिकारी इमारत की स्थिति, मरम्मत कार्य और सुरक्षा मानकों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस ने हरिराम गुप्ता को भिवाड़ी से पकड़ लिया है और मामले में आगे की पूछताछ एवं कानूनी कार्रवाई जारी है। हादसे की पूरी जिम्मेदारी और इमारत गिरने के वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
