7 सितंबर 2026 अमृतसर बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर वकीलों के बीच चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कोर्ट कॉम्प्लेक्स में चैंबर की कमी, खराब बुनियादी ढांचा और नागरिक सुविधाओं से जुड़े लंबित मुद्दे इस बार चुनाव प्रचार के प्रमुख मुद्दे बनकर सामने आए हैं। चुनाव मैदान में उतरे सभी 52 उम्मीदवार रविवार को वकीलों से संपर्क करने और अपने पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए डोर-टू-डोर प्रचार में जुटे रहे।
11 सितंबर को होगा चुनाव
अमृतसर बार एसोसिएशन का चुनाव 11 सितंबर को होना है। मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही उम्मीदवार कोर्ट कॉम्प्लेक्स के अलावा साथी वकीलों के घरों तक पहुंचकर समर्थन मांग रहे हैं। कई उम्मीदवार सोशल मीडिया के जरिए भी मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं।
रिटर्निंग ऑफिसर राजीव जोशी के अनुसार, चुनाव को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मतदाता सूची का दोबारा मिलान किया जा चुका है। मतदान के दिन कोर्ट कॉम्प्लेक्स में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस विभाग से भी अनुरोध किया गया है।
वकीलों के लिए चैंबर की कमी बड़ा मुद्दा
चुनाव प्रचार के दौरान वकीलों के लिए पर्याप्त चैंबर उपलब्ध कराने की मांग प्रमुखता से उठ रही है। खासकर नए और युवा वकीलों के लिए काम करने की उचित जगह की कमी लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है।
उम्मीदवार चैंबर उपलब्ध कराने के साथ-साथ कोर्ट कॉम्प्लेक्स के पीछे करीब 1,500 वर्ग गज की जगह पर नए चैंबर विकसित करने का मुद्दा भी उठा रहे हैं। इसके अलावा लंबित लिफ्ट निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने का वादा भी चुनाव प्रचार में किया जा रहा है।
कोर्ट कॉम्प्लेक्स की सुविधाओं में सुधार की मांग
चैंबर के अलावा कोर्ट परिसर के बुनियादी ढांचे में सुधार भी चुनावी मुद्दा बना हुआ है। वकीलों के लिए इंटरलॉकिंग टाइलें लगाने, शौचालयों का निर्माण और रखरखाव बेहतर करने तथा स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग सामने आ रही है।
उम्मीदवार इन सुविधाओं को वकीलों के रोजमर्रा के कामकाज से जोड़ते हुए बेहतर कोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का वादा कर रहे हैं।
बिजली बिल में छूट का मुद्दा भी प्रचार में
चुनावी अभियान में वकीलों के लिए बिजली बिल में 300 यूनिट तक छूट दिलाने का मुद्दा भी सामने आया है। उम्मीदवार इसे वकीलों के आर्थिक बोझ को कम करने वाली सुविधा के तौर पर पेश कर रहे हैं।
इससे साफ है कि चुनावी मुकाबला केवल पदों के लिए नहीं बल्कि कोर्ट परिसर में काम करने वाले वकीलों की रोजमर्रा की समस्याओं और सुविधाओं को लेकर भी केंद्रित है।
अध्यक्ष पद पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार
अध्यक्ष पद के लिए गुरप्रीत सिंह पनेसर और एएस सयाली के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है, जबकि एडवोकेट पीएस वालिया भी चुनाव मैदान में हैं। गुरप्रीत सिंह पनेसर पहले भी एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके हैं।
उपाध्यक्ष पुरुष पद के लिए पुनीत शर्मा, अमृतपाल सिंह मोमी और राजदीप सिंह घुम्मन मैदान में हैं। महिला उपाध्यक्ष पद के लिए प्रकाशदीप कौर, शरणपाल कौर संधू, दविंदर कौर बेदी और नरेश बाला चुनाव लड़ रही हैं।
सचिव और संयुक्त सचिव पद पर भी मुकाबला
सचिव पद के लिए गुरमीत सिंह मान, सनप्रीत सिंह मान और हरसिमरन सिंह के बीच मुकाबला है। संयुक्त सचिव पद के लिए सौरभ शर्मा, रजनी जोशी, धीरज आनंद और सुनील कुमार मैदान में हैं।
सीनियर एग्जीक्यूटिव मेंबर के पद पर भी कई उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे मुकाबला काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है।
युवा वकीलों की समस्याओं पर पहले भी उठा है सवाल
अमृतसर बार एसोसिएशन में चैंबर की कमी का मुद्दा नया नहीं है। जनवरी 2026 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के तीन न्यायाधीशों के अमृतसर दौरे के दौरान भी बार एसोसिएशन ने नए और युवा वकीलों के लिए पर्याप्त चैंबर की कमी का मुद्दा उठाया था। उस समय न्यायाधीशों ने कोर्ट परिसर के आसपास नए चैंबर बनाने की संभावनाओं का जायजा भी लिया था।
चुनाव में सुविधाओं के मुद्दे पर फोकस
इस बार चुनाव प्रचार से यह संकेत मिल रहा है कि वकीलों की मूलभूत जरूरतें और कोर्ट परिसर का इंफ्रास्ट्रक्चर चुनावी बहस के केंद्र में हैं। चैंबर, लिफ्ट, शौचालय, पेयजल, बिजली और अन्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर उम्मीदवार अपने-अपने वादों के साथ मतदाताओं तक पहुंच रहे हैं।
11 सितंबर को होने वाले मतदान में वकील इन मुद्दों के अलावा उम्मीदवारों के अनुभव और उनके द्वारा समस्याओं के समाधान के लिए पेश किए जा रहे एजेंडे को भी ध्यान में रख सकते हैं।
