6 सितंबर 2026 पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को बठिंडा के शहीद भगत सिंह स्टेडियम से राज्य के प्रमुख खेल आयोजन ‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ के चौथे सीजन का शुभारंभ किया। इस साल सरकार ने करीब 10 लाख खिलाड़ियों को विभिन्न खेलों से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। प्रतियोगिताओं में 14 साल से लेकर 70 साल से अधिक उम्र के खिलाड़ी हिस्सा ले सकेंगे।
39 खेलों और 4 पैरा-स्पोर्ट्स में होगा आयोजन
मुख्यमंत्री के अनुसार इस बार ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ में 39 खेलों के साथ चार पैरा-स्पोर्ट्स को भी शामिल किया गया है। पैरा-स्पोर्ट्स में एथलेटिक्स, पावरलिफ्टिंग, बैडमिंटन और व्हीलचेयर बास्केटबॉल शामिल हैं।
इस आयोजन का उद्देश्य गांवों और शहरों से प्रतिभाओं की पहचान करना, उन्हें बेहतर मंच उपलब्ध कराना और भविष्य के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करना है।
पहली बार टेनिस-बॉल क्रिकेट भी शामिल
इस साल प्रतियोगिता में लड़कों और लड़कियों के लिए टेनिस-बॉल क्रिकेट को पहली बार प्रदर्शन खेल के तौर पर शामिल किया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर क्रिकेट खेलने वाले युवाओं को भी राज्य के इस बड़े खेल आयोजन से जुड़ने का मौका मिलेगा।
29 नवंबर को पटियाला में होगा समापन
‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ का आयोजन 5 सितंबर से शुरू होकर 29 नवंबर 2026 तक चलेगा। इसकी शुरुआत बठिंडा से हुई है, जबकि समापन समारोह पटियाला में आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजाब के युवाओं को खेलों से जोड़ने और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम भी है।
खिलाड़ियों के लिए ₹12.50 करोड़ की पुरस्कार राशि
सरकार ने इस सीजन के विजेता खिलाड़ियों के लिए कुल ₹12.50 करोड़ की पुरस्कार राशि निर्धारित की है। पहली बार अनुभवी और वेटरन खिलाड़ियों के लिए भी नकद पुरस्कार की व्यवस्था की गई है।
राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक विजेताओं को ₹10,000, रजत पदक विजेताओं को ₹7,000 और कांस्य पदक विजेताओं को ₹5,000 दिए जाएंगे।
कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेताओं का सम्मान
उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 की रजत पदक विजेता हरजिंदर कौर और लवप्रीत सिंह को ₹50-₹50 लाख की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया। सरकार ने इसे खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और राज्य में मजबूत खेल माहौल तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
युवाओं को नशे से दूर रखने पर जोर
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खेलों को युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने का मजबूत माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को खेलों से जोड़ना और उन्हें स्वस्थ, अनुशासित तथा आत्मविश्वासी बनाना है।
सरकार की ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ मुहिम के संदर्भ में भी खेलों को युवाओं तक पहुंचने का प्रभावी जरिया बताया गया है।
गांवों से प्रतिभाओं को सामने लाने की कोशिश
‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के जरिए पंजाब के ग्रामीण इलाकों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों और शहरों के खिलाड़ियों को एक ऐसा मंच मिलना चाहिए, जहां वे अपनी प्रतिभा दिखाकर आगे बढ़ सकें।
इस आयोजन में अलग-अलग उम्र के खिलाड़ियों की भागीदारी इसे अन्य खेल प्रतियोगिताओं से अलग बनाती है। मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले आयोजनों में एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों ने भी एक साथ हिस्सा लिया है।
खेलों के लिए बुनियादी ढांचे पर भी जोर
पंजाब सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए खेल मैदान और जिम विकसित करने की बात कही गई है। सरकार के अनुसार राज्य में 3,148 ग्रामीण खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं और 6,000 जिम स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर खेल सुविधाओं, प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता के जरिए पंजाब के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने का प्रयास जारी है।
खेलों को जन आंदोलन बनाने की कोशिश
‘खेडां वतन पंजाब दियां’ का चौथा सीजन पहले के मुकाबले बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को खेल गतिविधियों से जोड़ना है, ताकि खेल केवल पेशेवर खिलाड़ियों तक सीमित न रहें बल्कि आम लोगों और युवाओं की जीवनशैली का हिस्सा बनें।
