6 सितंबर 2026 पटियाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हरमंदीप सिंह हंस ने शनिवार को अपनी पहली समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने जिले की कानून-व्यवस्था, लंबित मामलों, जांच, यातायात व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की स्थिति की समीक्षा की। SSP ने अधिकारियों को जांच की निगरानी बढ़ाने, लंबित मामलों का समय पर निपटारा करने और अपराधियों, आदतन अपराधियों तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ तेजी से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता
SSP हरमंदीप सिंह हंस ने अधिकारियों से कहा कि पटियाला की सड़कों पर गुंडागर्दी और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी थानों के अधिकारियों को शहर और जिले में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को अपराध की घटनाओं पर केवल प्रतिक्रिया देने के बजाय सक्रिय रूप से काम करना होगा, ताकि अपराध होने से पहले ही उसे रोकने के प्रयास किए जा सकें।
लंबित मामलों और जांच की समीक्षा
बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों ने जिले में लंबित मामलों और चल रही जांच की स्थिति की जानकारी दी। SSP ने अधिकारियों को मामलों की नियमित निगरानी करने और जांच को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिन मामलों में जांच पूरी हो चुकी है, उनमें कानूनी प्रक्रिया को समय पर आगे बढ़ाया जाए। साथ ही लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाई जाए, ताकि लोगों को जल्द न्याय मिल सके।
नशा तस्करों के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश
पटियाला पुलिस की प्राथमिकताओं में नशे के खिलाफ कार्रवाई को भी प्रमुख स्थान दिया गया। SSP ने अधिकारियों को नशा तस्करों और नशे की सप्लाई में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए।
उन्होंने नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क को तोड़ने और आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। यह कार्रवाई पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के तहत तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
गैंगस्टरों और संगठित अपराध पर नजर
SSP ने गैंगस्टर गतिविधियों और संगठित अपराध के खिलाफ भी पुलिस को सक्रिय रहने को कहा। अधिकारियों को आपराधिक नेटवर्क और उनसे जुड़े लोगों की पहचान करने तथा उनके खिलाफ विभिन्न पुलिस इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
संगठित अपराध के तहत रंगदारी, अवैध हथियार और लोगों को धमकाने जैसी गतिविधियों पर विशेष नजर रखने की बात कही गई। पुलिस अधिकारियों से कहा गया कि ऐसे मामलों में कार्रवाई को प्रभावी और समन्वित बनाया जाए।
यातायात व्यवस्था पर भी विशेष जोर
समीक्षा बैठक में पटियाला की यातायात व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। SSP ने अधिकारियों को शहर में यातायात का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
खतरनाक तरीके से वाहन चलाने, गलत पार्किंग और अन्य यातायात उल्लंघनों पर कार्रवाई के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया।
नागरिकों की शिकायतों पर हो त्वरित कार्रवाई
SSP हरमंदीप सिंह हंस ने नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आम लोगों की शिकायतों पर तेजी से प्रतिक्रिया दी जाए और पीड़ितों के साथ संवेदनशील एवं पेशेवर तरीके से व्यवहार किया जाए।
उन्होंने पुलिस और जनता के बीच बेहतर संपर्क बनाए रखने तथा शिकायतों का निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पुलिस अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
बैठक में जिले के सभी सुपरिंटेंडेंट, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस, थाना प्रभारी और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी अधिकारी शामिल हुए। SSP ने सभी पुलिस इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय और सूचनाओं के प्रभावी आदान-प्रदान पर जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराध की रोकथाम और जांच के लिए उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल किया जाए। साथ ही क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी और निगरानी को मजबूत किया जाए।
पुलिस की प्रमुख प्राथमिकताएं तय
SSP की पहली समीक्षा बैठक में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराध की रोकथाम, नशे के खिलाफ कार्रवाई, गैंगस्टर गतिविधियों पर अंकुश, यातायात प्रबंधन और नागरिकों को समय पर न्याय दिलाना प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में सामने आया।
SSP ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।
