5 सितंबर 2026 शिक्षक दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार की ओर से मोहाली में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। सेक्टर-62 स्थित विकास भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले 50 शिक्षकों को सम्मानित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका, सरकारी स्कूलों में हुए बदलाव और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे।
50 शिक्षकों को किया गया सम्मानित
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 50 शिक्षकों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज और बच्चों के भविष्य को आकार देने में अध्यापकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाते, बल्कि उनके व्यक्तित्व और भविष्य को भी दिशा देते हैं। इसी कारण शिक्षकों का सम्मान समाज में विशेष महत्व रखता है।
बोले- मैं खुद अध्यापक का बेटा हूं
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि वह स्वयं एक अध्यापक के बेटे हैं और उन्होंने घर पर शिक्षकों की मुश्किलों और चुनौतियों को करीब से देखा है।
उन्होंने अपने स्कूल के दिनों को भी याद किया और अपने शिक्षकों का जिक्र किया। मान ने बताया कि उनके जीवन में उनके शिक्षकों का विशेष योगदान रहा है और वह आज भी अपने पुराने शिक्षकों से मिलने पर उनका सम्मान करते हैं।
चार साल में सरकारी स्कूलों में बदलाव का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद पिछले चार वर्षों के दौरान पंजाब के सरकारी स्कूलों में कई बदलाव किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं, स्टाफ और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार पर काम किया गया है।
मान ने कहा कि अब पंजाब के सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने स्कूलों में बेंच, बाथरूम और चारदीवारी जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार का भी उल्लेख किया।
शिक्षकों और कर्मचारियों की भर्ती पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में क्लेरिकल और शिक्षण स्टाफ की भर्ती की गई है। इसके साथ ही शिक्षकों को प्रशिक्षण देने पर भी ध्यान दिया गया है।
उनका कहना था कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए केवल स्कूल की इमारत और सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि प्रशिक्षित और पर्याप्त संख्या में शिक्षक भी जरूरी हैं। शिक्षकों को बेहतर माहौल मिलने से विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिलता है।
हेडमास्टरों का प्रशासनिक बोझ कम करने की बात
मुख्यमंत्री ने स्कूलों के हेडमास्टरों पर प्रशासनिक काम के बोझ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले हेडमास्टरों को स्कूल की कई छोटी-बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालनी पड़ती थीं।
इनमें टूटे हुए फर्नीचर और शौचालयों से जुड़े काम, हाजिरी रजिस्टर, छुट्टी के आवेदन और फीस माफी से संबंधित कार्य शामिल थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हेडमास्टरों को प्रशासनिक जिम्मेदारियों से कुछ राहत मिलनी चाहिए, ताकि वे अपना अधिक समय अकादमिक गतिविधियों और विद्यार्थियों की शिक्षा पर दे सकें।
सरकारी स्कूलों में PTM को बताया महत्वपूर्ण कदम
मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों में आयोजित होने वाली Parent-Teacher Meetings (PTM) का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन बैठकों के माध्यम से अभिभावकों और शिक्षकों के बीच सीधा संवाद बढ़ता है।
मान के अनुसार, PTM से माता-पिता को यह समझने का अवसर मिलता है कि उनके बच्चों को कौन पढ़ा रहा है। वहीं शिक्षक भी बच्चों के परिवार और उनके माहौल के बारे में बेहतर जानकारी हासिल कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछली PTM में करीब 24 लाख अभिभावकों ने हिस्सा लिया था। उन्होंने इसे अभिभावकों की बढ़ती भागीदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।
छात्रों को नकल से दूर रहने की सलाह
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को पढ़ाई पर ध्यान देने और नकल पर निर्भर नहीं रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नकल के सहारे कोई व्यक्ति एक परीक्षा तो पास कर सकता है, लेकिन आगे की जिंदगी में वास्तविक ज्ञान की जरूरत पड़ती है।
उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत और सीखने पर ध्यान देने की अपील की, ताकि वे शिक्षा का वास्तविक लाभ उठा सकें।
शिक्षकों को बताया भविष्य के माली
भगवंत मान ने शिक्षकों की तुलना माली से करते हुए कहा कि जिस तरह माली पौधे को लगाकर उसकी देखभाल करता है और उसके बड़ा होने पर खुशी महसूस करता है, उसी तरह शिक्षक अपने विद्यार्थियों को तैयार करते हैं।
उन्होंने कहा कि जब कोई विद्यार्थी जीवन में सफलता हासिल करता है तो उसके शिक्षक को भी गर्व महसूस होता है। मुख्यमंत्री ने अपने शिक्षकों के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को याद करते हुए कहा कि उनके पुराने शिक्षक आज भी इस बात पर गर्व करते हैं कि जिस बच्चे को उन्होंने पढ़ाया, वह आगे चलकर मुख्यमंत्री बना।
शिक्षकों का सम्मान समाज की जिम्मेदारी
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक किसी भी बच्चे के जीवन में ऐसी भूमिका निभा सकते हैं जिसे भुलाना आसान नहीं होता। शिक्षा के साथ-साथ शिक्षक बच्चों को अनुशासन, मेहनत और जीवन के मूल्यों की सीख भी देते हैं।
मोहाली में आयोजित इस सम्मान समारोह के जरिए पंजाब सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया और सरकारी स्कूलों में किए जा रहे बदलावों को भी सामने रखा।
