• Sat. Sep 5th, 2026

जालंधर के स्कूलों में जन्माष्टमी की धूम, राधा-कृष्ण की झांकियों और दही-हांडी ने बांधा समां

5 सितंबर 2026 भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी का उत्साह जालंधर के स्कूलों में भी देखने को मिला। शहर के विभिन्न स्कूलों में धार्मिक श्रद्धा और उत्सव के माहौल के बीच जन्माष्टमी मनाई गई। इस दौरान विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों, भक्ति प्रस्तुतियों, कृष्ण लीला, रास लीला और दही-हांडी जैसी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

स्कूल परिसरों में विद्यार्थियों ने भगवान श्रीकृष्ण और राधा के रूप में सजकर सभी का ध्यान आकर्षित किया। कई स्थानों पर बच्चों ने कृष्ण के जीवन और उनकी लीलाओं से जुड़े प्रसंगों को नृत्य, नाटक और संगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया।

कन्या महाविद्यालय में रास लीला ने मोहा मन

कन्या महाविद्यालय में जन्माष्टमी समारोह के दौरान छात्राओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और उनकी लीलाओं को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी छात्राओं ने कृष्ण और राधा का रूप धारण किया।

कार्यक्रम में भक्ति संगीत के साथ समूह नृत्य और रास लीला की प्रस्तुति विशेष आकर्षण रही। रंग-बिरंगे परिधानों और पारंपरिक मुद्राओं के साथ छात्राओं ने मंच पर शानदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के अंतिम चरण में फूलों की वर्षा ने समारोह को और भी आकर्षक बना दिया।

पुलिस DAV स्कूल में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा

पुलिस DAV पब्लिक स्कूल में भी जन्माष्टमी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन यशस्वी हाउस की ओर से किया गया। प्रिंसिपल डॉ. योगेश गंभीर ने कार्यक्रम में शिरकत की।

प्राइमरी विंग के विद्यार्थियों ने भगवान श्रीकृष्ण के बचपन पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। वहीं प्री-प्राइमरी विंग के नन्हे बच्चों ने राधा और कृष्ण की वेशभूषा में प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। बच्चों की मासूम प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा।

Ivy World School में रचनात्मक गतिविधियां

Ivy World School में भी जन्माष्टमी को लेकर बच्चों में खास उत्साह दिखाई दिया। विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी कहानियों, परंपराओं और त्योहार के सांस्कृतिक महत्व से परिचित कराया गया।

इस अवसर पर बच्चों ने कृष्ण मुकुट बनाने, बांसुरी सजाने, रंग-बिरंगी मटकी तैयार करने और सजाने जैसी रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लिया। इसके अलावा बुकमार्क, कृष्ण की मूर्ति और झूले की सजावट जैसी गतिविधियां भी करवाई गईं।

बच्चों ने मिट्टी से गोवर्धन पर्वत का मॉडल भी तैयार किया। इस गतिविधि के जरिए उन्हें भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंग को रचनात्मक तरीके से समझने का अवसर मिला।

सेठ हुकम चंद SD पब्लिक स्कूल में राधा-कृष्ण की झलक

सेठ हुकम चंद SD पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में जन्माष्टमी के अवसर पर विद्यार्थियों ने राधा-कृष्ण का रूप धारण कर सभी का मन मोह लिया।

बच्चे आकर्षक पोशाकों में स्कूल पहुंचे और भगवान कृष्ण तथा राधा के रूप में प्रस्तुतियां दीं। स्कूल की प्रिंसिपल प्रियंका शर्मा ने विद्यार्थियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेम, शांति और सद्भाव की प्रेरणा लेने का संदेश दिया।

State Public School में वन-एक्ट प्ले

State Public School, Jalandhar Cantt में जन्माष्टमी के विषय पर इंटर-हाउस वन-एक्ट प्ले प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों और जीवन से जुड़े प्रसंगों को नाटक के माध्यम से प्रस्तुत किया।

प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और टीमवर्क का प्रदर्शन किया। रंग-बिरंगी वेशभूषा और शानदार प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह भर दिया। प्रतियोगिता में साहिबजादा अजीत सिंह हाउस विजेता रहा।

New Saint Soldier School में कृष्ण लीला और दही-हांडी

New Saint Soldier Senior Secondary Public School, गुरु तेग बहादुर नगर में भी जन्माष्टमी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डायरेक्टर सुषमा हांडा ने की।

कार्यक्रम की शुरुआत कृष्ण वंदना और राधा नाम संकीर्तन से हुई। विद्यार्थियों ने कृष्ण और राधा की वेशभूषा में कृष्ण लीला प्रस्तुत की। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों के जरिए विद्यार्थियों ने प्रेम, मित्रता और धर्म के संदेश को सामने रखा।

भक्ति गीतों और नृत्य प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण दही-हांडी प्रतियोगिता रही, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

बच्चों को संस्कृति और परंपरा से जोड़ने का प्रयास

जालंधर के स्कूलों में आयोजित जन्माष्टमी समारोह केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहे। इनके जरिए विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े संदेशों से परिचित कराने का प्रयास किया गया।

राधा-कृष्ण की वेशभूषा, कृष्ण लीला, रास लीला, भक्ति संगीत और रचनात्मक गतिविधियों ने बच्चों को त्योहार से जुड़ने का अवसर दिया। वहीं दही-हांडी जैसी गतिविधियों ने विद्यार्थियों में उत्साह और टीम भावना को भी बढ़ाया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *