• Sat. Sep 5th, 2026

NIT-जालंधर में हीट रिकवरी और ऊर्जा दक्षता पर SPARC प्रायोजित वर्कशॉप

5 सितंबर 2026 डॉ. बी.आर. अंबेडकर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) जालंधर में हीट रिकवरी, थर्मल पॉलीजेनरेशन और ऊर्जा दक्षता से जुड़े विषयों पर दो दिवसीय SPARC प्रायोजित वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 3 और 4 सितंबर 2026 को संस्थान में आयोजित किया गया। वर्कशॉप का उद्देश्य शोधकर्ताओं, शिक्षकों, विद्यार्थियों और उद्योग से जुड़े पेशेवरों को टिकाऊ ऊर्जा प्रणालियों से जुड़ी आधुनिक तकनीकों और व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना है।

हीट रिकवरी तकनीक पर फोकस

वर्कशॉप का मुख्य विषय “Advancing Heat Recovery Thermal Polygeneration: Computational Tools, Process Design, and Practical Training” है। कार्यक्रम में औद्योगिक प्रक्रियाओं से निकलने वाली गर्मी के बेहतर उपयोग, थर्मल पॉलीजेनरेशन और ऊर्जा प्रणालियों की दक्षता बढ़ाने से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की जा रही है।

हीट रिकवरी का उद्देश्य ऐसी ऊर्जा का दोबारा उपयोग करना है जो सामान्य औद्योगिक या ऊर्जा प्रक्रियाओं के दौरान गर्मी के रूप में बाहर निकल जाती है। इस तरह उपलब्ध ऊर्जा का अधिक प्रभावी इस्तेमाल किया जा सकता है और ऊर्जा प्रणालियों की समग्र दक्षता में सुधार किया जा सकता है।

कंप्यूटेशनल टूल्स की भी दी जा रही जानकारी

वर्कशॉप में केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित रहने के बजाय कंप्यूटेशनल टूल्स के उपयोग और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रतिभागियों को ऊर्जा प्रणालियों के विश्लेषण, डिजाइन और ऑप्टिमाइजेशन में इस्तेमाल होने वाली तकनीकों को समझने का अवसर मिल रहा है।

इस तरह के टूल्स के माध्यम से शोधकर्ता और इंजीनियर विभिन्न ऊर्जा प्रणालियों के प्रदर्शन का विश्लेषण कर सकते हैं और बेहतर डिजाइन तैयार करने की दिशा में काम कर सकते हैं।

देश-विदेश के विशेषज्ञों की भागीदारी

NIT-जालंधर की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, वर्कशॉप में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। विशेषज्ञ हीट रिकवरी और थर्मल पॉलीजेनरेशन के क्षेत्र में हो रहे नए विकास पर अपने विचार साझा कर रहे हैं।

कार्यक्रम में तकनीकी चर्चाओं के साथ प्रतिभागियों को विशेषज्ञों के साथ संवाद करने का अवसर भी मिल रहा है। इससे विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को अपने संबंधित क्षेत्रों में नई तकनीकों और शोध संभावनाओं को समझने में मदद मिल सकती है।

शोध और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर जोर

वर्कशॉप में व्यावहारिक प्रशिक्षण को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। प्रतिभागियों को कंप्यूटेशनल टूल्स के माध्यम से ऊर्जा प्रणालियों के विश्लेषण और डिजाइन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी जा रही है।

इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को केवल तकनीकी अवधारणाओं से परिचित कराना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए इन तकनीकों का उपयोग करने में सक्षम बनाना भी है।

विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभागियों के लिए अवसर

यह कार्यक्रम मैकेनिकल, केमिकल, थर्मल और एनर्जी इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए आयोजित किया गया है। फैकल्टी सदस्य, शोधकर्ता, पोस्टडॉक्टोरल फेलो, पीएचडी स्कॉलर, पोस्टग्रेजुएट विद्यार्थी और उद्योग से जुड़े पेशेवर इसमें भाग ले सकते हैं।

इससे अलग-अलग तकनीकी क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों और विद्यार्थियों को एक मंच पर आने और ऊर्जा से जुड़े विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिलता है।

टिकाऊ ऊर्जा की दिशा में महत्वपूर्ण विषय

वर्तमान समय में ऊर्जा की बढ़ती मांग और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की जरूरत को देखते हुए ऊर्जा दक्षता एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है। औद्योगिक प्रक्रियाओं में उपलब्ध ऊर्जा का अधिकतम उपयोग करने से संसाधनों की बचत और ऊर्जा प्रणालियों के बेहतर प्रदर्शन में मदद मिल सकती है।

हीट रिकवरी और थर्मल पॉलीजेनरेशन जैसे क्षेत्र इसी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन तकनीकों पर शोध और प्रशिक्षण से इंजीनियरिंग छात्रों और शोधकर्ताओं को भविष्य की ऊर्जा चुनौतियों के लिए बेहतर समाधान विकसित करने में मदद मिल सकती है।

NIT-जालंधर का तकनीकी शिक्षा पर जोर

NIT-जालंधर की ओर से लगातार विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में वर्कशॉप, प्रशिक्षण कार्यक्रम और शोध गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। SPARC प्रायोजित यह कार्यक्रम भी उच्च शिक्षा, शोध और उद्योग की जरूरतों के बीच तालमेल बढ़ाने की दिशा में एक प्रयास है। संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर इस दो दिवसीय वर्कशॉप को 3 से 4 सितंबर 2026 के कार्यक्रम के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को कक्षा की सैद्धांतिक पढ़ाई से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीकों को समझने और विशेषज्ञों से सीधे सीखने का अवसर प्रदान करते हैं।

ऊर्जा क्षेत्र में नई संभावनाओं पर चर्चा

वर्कशॉप के दौरान हीट रिकवरी, थर्मल पॉलीजेनरेशन, प्रक्रिया डिजाइन और ऊर्जा प्रणालियों के ऑप्टिमाइजेशन से जुड़े विषयों पर चर्चा हो रही है। इन क्षेत्रों में नई तकनीकों और कंप्यूटेशनल तरीकों के विकास से ऊर्जा प्रणालियों को अधिक प्रभावी बनाने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *