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जन्माष्टमी पर दिल्ली बनी कृष्ण की नगरी, भक्ति के साथ दिखा डांस और ड्रामा

5 सितंबर 2026   जन्माष्टमी के अवसर पर राजधानी दिल्ली शुक्रवार को कृष्ण भक्ति के रंग में रंगी नजर आई। शहर के मंदिरों में फूलों, रोशनी और आकर्षक झांकियों से सजावट की गई। भक्तों ने मंदिरों में पूजा-अर्चना की, भजन गाए और भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया।

मंदिरों में दिखी भक्ति की झलक

दिल्ली के कई मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया। Kalkaji Temple में मोर पंखों से सजावट की गई, जबकि Krishna Temple भी रोशनी से जगमगा उठा। श्रद्धालुओं ने Laddu Gopal की पूजा की और जन्माष्टमी की मध्यरात्रि के विशेष आयोजन का इंतजार किया।

बच्चों में भी जन्माष्टमी को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। कई छोटे बच्चे Kanha के रूप में तैयार होकर मंदिर पहुंचे, जबकि युवाओं ने Krishna और Radha की वेशभूषा में हिस्सा लिया।

ISKCON Dwarka में 1,108 किलो का केक

ISKCON Dwarka में जन्माष्टमी समारोह के दौरान 1,108 किलोग्राम का केक विशेष प्रसाद के रूप में तैयार किया गया। इस आयोजन ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया।

हालांकि दिल्ली में हुई भारी बारिश के कारण कुछ स्थानों पर जन्माष्टमी समारोह प्रभावित भी हुए और आयोजकों को मानसून की स्थिति के बीच व्यवस्थाएं संभालनी पड़ीं।

Matki Phod League बना आकर्षण

Yamuna Sports Complex में जन्माष्टमी का उत्सव एक अलग अंदाज में देखने को मिला। यहां Matki Phod League के दूसरे सीजन का आयोजन किया गया।

इस प्रतियोगिता में 24 टीमों—16 पुरुष और 8 महिला टीमों—ने 68 मुकाबलों में हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने मानव पिरामिड बनाकर मटकी फोड़ने की चुनौती पूरी की। सीजन की पहली मटकी सिर्फ 43 सेकंड में फोड़ी गई।

Kathak में दिखी कृष्ण लीला

India International Centre में प्रसिद्ध Kathak exponent डॉ. उमा शर्मा ने अपनी वार्षिक प्रस्तुति ‘Ram-Shyam’ के 22वें संस्करण का आयोजन किया। इसमें Govardhan Leela, Makhan Chori Leela और Kaliya Mardan Leela जैसे कृष्ण प्रसंगों को नृत्य और अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।

इस तरह दिल्ली में जन्माष्टमी केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि नृत्य, संगीत, नाटक और खेल के माध्यम से कृष्ण की लीलाओं को आधुनिक अंदाज में भी प्रस्तुत किया गया।

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