5 सितंबर 2026 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने एक नाबालिग से जुड़ी शिकायत के आधार पर POCSO Act के तहत नई FIR दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, शिकायत में पीड़ित नाबालिग है। इसके साथ ही जंतर-मंतर पर हुए कथित हमले से जुड़े पहले मामले में SC/ST (Prevention of Atrocities) Act की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
नाबालिग की शिकायत पर दर्ज हुई नई FIR
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ POCSO Act के तहत यह नया मामला एक शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। शिकायत में नाबालिग से संबंधित आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, FIR दर्ज होना आरोपों के सही साबित होने का प्रमाण नहीं है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया तथा जांच के आधार पर तथ्य सामने आएंगे।
पुराने मामले में SC/ST Act की धाराएं जोड़ी गईं
स्वतंत्र भारद्वाज पहले से ही जंतर-मंतर पर हुए एक कथित हमले के मामले को लेकर विवादों में हैं। इस मामले में प्रदर्शन के दौरान एक छात्र कार्यकर्ता के पिता के साथ कथित मारपीट का आरोप लगाया गया था।
इस मामले में पहले FIR दर्ज की गई थी। अब पुलिस ने इसमें SC/ST Act की संबंधित धाराएं भी शामिल कर दी हैं। प्रदर्शन से जुड़े लोगों ने पुलिस से मामले में कड़ी धाराएं जोड़ने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
जंतर-मंतर पर क्या हुआ था?
पुलिस के मुताबिक, घटना 23 जून 2026 को जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन के दौरान हुई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि विवाद के बाद कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की और सिर पर चोट पहुंचाई।
पुलिस ने शुरुआती जांच में स्वतंत्र भारद्वाज और एक अन्य व्यक्ति को मामले में आरोपी बनाया था। बाद में पुलिस ने कहा कि चोट की प्रकृति और घटना से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तारी को लेकर भी उठी मांग
मामले को लेकर प्रदर्शनकारियों और शिकायतकर्ता पक्ष ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग की थी। शुक्रवार को दिल्ली में प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्ग थाने के बाहर पहुंचकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
पुलिस की ओर से मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया गया था। इससे पहले पुलिस ने कहा था कि जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की जाएगी और मामले में किसी भी तरह के राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को पुलिस ने खारिज किया था।
बुलंदशहर में हिरासत में लिए जाने की खबर
मामले के बीच स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया को लेकर अलग विवरण सामने आए हैं। इसलिए मामले में आगे की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
वायरल वीडियो के बाद बढ़ा विवाद
स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े विवाद को उस समय और ज्यादा चर्चा मिली जब एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर जंतर-मंतर की घटना को लेकर बयान दिए थे। वीडियो को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
भारद्वाज ने अपनी ओर से घटना को लेकर अलग पक्ष रखा और कथित तौर पर इसे आत्मरक्षा से जुड़ा बताया। दूसरी ओर, शिकायतकर्ता पक्ष ने उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस की जांच पर नजर
अब POCSO Act के तहत दर्ज नई FIR और पुराने मामले में SC/ST Act की धाराएं जोड़े जाने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का दायरा बढ़ गया है।
POCSO कानून नाबालिगों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने के लिए बनाया गया है। इस तरह के मामलों में पुलिस की जांच, शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करती है।
