3 सितंबर 2026 महाराष्ट्र में मुंबई की ओर जा रही एक ट्रेन के महिला डिब्बे में एक 20 वर्षीय कॉलेज छात्रा के साथ कथित तौर पर जबरदस्ती करने की कोशिश का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। डहाणू से बोरीवली जा रही MEMU ट्रेन में सुबह के समय छात्रा अकेली यात्रा कर रही थी। इसी दौरान एक अज्ञात युवक महिला डिब्बे में घुस गया और कथित तौर पर छात्रा पर हमला कर दिया। छात्रा ने घबराने के बजाय हिम्मत दिखाई और आरोपी का डटकर मुकाबला किया।
सुबह 5:17 बजे डहाणू से रवाना हुई ट्रेन
रिपोर्टों के मुताबिक, डहाणू रेलवे स्टेशन से सुबह करीब 5:17 बजे बोरीवली की ओर MEMU ट्रेन रवाना हुई थी। इस दौरान महिला डिब्बे में एक 20 वर्षीय कॉलेज छात्रा अकेली यात्रा कर रही थी। डिब्बे में उस समय कोई अन्य महिला यात्री मौजूद नहीं थी।
इसी स्थिति का फायदा उठाकर करीब 27 से 28 साल की उम्र का एक अज्ञात व्यक्ति कथित तौर पर महिला डिब्बे में दाखिल हो गया। शुरुआत में उसने छात्रा से ट्रेन कहां पहुंची है, इस तरह की बात पूछकर उसका ध्यान भटकाने की कोशिश की।
अचानक छात्रा का गला दबाने का आरोप
बताया जा रहा है कि बातचीत के कुछ समय बाद युवक ने अचानक छात्रा का गला दबा दिया और उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। अचानक हुए इस हमले से छात्रा मुश्किल स्थिति में फंस गई।
हालांकि, छात्रा ने हिम्मत नहीं खोई। उसने खुद को बचाने के लिए आरोपी का जोरदार विरोध किया और उसकी आंखों में उंगलियां डालकर उसे पीछे धकेल दिया। इसके बाद छात्रा ने जोर-जोर से मदद के लिए आवाज लगाई।
छात्रा की चीख सुनकर यात्री मदद के लिए पहुंचे
छात्रा के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के यात्रियों को घटना का पता चला। पास के डिब्बे और आसपास मौजूद यात्रियों ने मदद के लिए पहुंचने की कोशिश की।
रिपोर्ट के अनुसार, यात्रियों ने आरोपी को पकड़ने का प्रयास भी किया। इस दौरान वंगावन रेलवे स्टेशन के पास हुई हलचल का फायदा उठाकर आरोपी मौके से भागने में सफल हो गया।
112 पर संपर्क की कोशिश, मदद को लेकर सवाल
घटना के बाद छात्रा ने आपातकालीन सहायता के लिए 112 नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि उसे तत्काल मदद नहीं मिल सकी। इसके अलावा रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि यह सुबह के समय चलती ट्रेन के महिला डिब्बे में हुई, जहां छात्रा अकेली थी। ऐसे में महिला यात्रियों की सुरक्षा और खाली डिब्बों में निगरानी व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
महिला यात्रियों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
मुंबई की लोकल और उपनगरीय ट्रेनों में रोजाना बड़ी संख्या में महिलाएं यात्रा करती हैं। महिलाओं के लिए अलग डिब्बे बनाए गए हैं ताकि उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा मिल सके। लेकिन इस तरह की घटनाएं रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
खास तौर पर सुबह के शुरुआती घंटों में जब किसी डिब्बे में यात्रियों की संख्या कम होती है, तब सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर अतिरिक्त सावधानी की जरूरत महसूस होती है।
छात्रा के साहस की हो रही सराहना
घटना के दौरान छात्रा ने जिस तरह घबराने के बजाय आरोपी का विरोध किया, उसकी बहादुरी की चर्चा हो रही है। मुश्किल परिस्थिति में उसने अपने बचाव के लिए तुरंत प्रतिक्रिया दी और शोर मचाकर आसपास के लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
उसके प्रतिरोध के कारण आरोपी अपने कथित प्रयास को आगे नहीं बढ़ा सका और वहां से भाग निकला।
पुलिस और रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर निगाह
इस मामले में आरोपी की पहचान और उसे पकड़ने को लेकर जांच की जरूरत है। साथ ही ट्रेन और रेलवे स्टेशन से जुड़े CCTV फुटेज तथा अन्य उपलब्ध सुरागों की मदद से आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की जा सकती है।
फिलहाल सामने आई जानकारी के अनुसार आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं हुई है। घटना से जुड़े सभी आरोप जांच के विषय हैं और पुलिस की कार्रवाई तथा आधिकारिक जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।
