2 सितंबर 2026 नई दिल्ली में कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने मंगलवार को 16 वर्षीय लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना के विरोध में कैंडल मार्च निकाला। संगठन ने पीड़िता को न्याय दिलाने और मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
रिपोर्ट के अनुसार, 16 वर्षीय लड़की के साथ चलती बस में कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी। इस घटना के बाद दिल्ली में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। NSUI के सदस्यों ने पीड़िता और उसके परिवार के प्रति एकजुटता जताते हुए न्याय की मांग की।
पीड़िता और परिवार के समर्थन में प्रदर्शन
NSUI ने कहा कि कैंडल मार्च का उद्देश्य केवल विरोध दर्ज कराना नहीं, बल्कि पीड़िता और उसके परिवार के साथ खड़ा होना भी है। संगठन ने मामले में जल्द कार्रवाई, जवाबदेही और महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज और प्रशासन के सामने गंभीर चुनौती पेश करती हैं। उनका कहना था कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
NSUI ने मामले में त्वरित, निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की मांग की। संगठन का कहना है कि इस तरह के गंभीर अपराधों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़िता को जल्द न्याय मिलना चाहिए।
NSUI ने कहा कि केवल बयान देने से न्याय सुनिश्चित नहीं होगा। संगठन ने मामले में जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई।
भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग पर सवाल
कैंडल मार्च के दौरान NSUI ने रायसीना रोड स्थित अपने राष्ट्रीय कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती और बैरिकेडिंग पर भी सवाल उठाए। संगठन ने इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान जरूरत से ज्यादा पुलिस मौजूदगी बताया।
NSUI के मुताबिक, प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया गया और संगठन के सदस्यों ने पीड़िता के लिए न्याय की मांग उठाई। संगठन ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे पर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाना जरूरी है।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा
NSUI ने कहा कि राजधानी दिल्ली में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। संगठन ने आरोप लगाया कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किए जाने वाले दावों के बावजूद ऐसी घटनाएं गंभीर चिंता पैदा करती हैं।
NSUI ने कहा कि 16 वर्षीय लड़की के साथ कथित तौर पर हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। संगठन ने सरकार से मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था और जरूरी उपाय किए जाएं।
NSUI ने सरकार से मांगी जवाबदेही
NSUI ने कहा कि इस मामले में केवल औपचारिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। संगठन चाहता है कि घटना की निष्पक्ष जांच हो और जो भी लोग जिम्मेदार पाए जाएं, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
संगठन ने यह भी कहा कि पीड़िता और उसके परिवार को न्याय मिलने तक वह इस मुद्दे को उठाता रहेगा। NSUI ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार से ठोस और प्रभावी कदम उठाने की अपील की।
अन्य संगठनों ने भी उठाई महिलाओं की सुरक्षा की आवाज
इस घटना को लेकर अन्य छात्र और नागरिक संगठनों की ओर से भी महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, Students’ Federation of India (SFI) के सदस्यों ने भी दिल्ली में ‘Women Reclaim the Night’ के बैनर के तहत प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने महिलाओं को रात में सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने की बात
NSUI ने स्पष्ट किया कि वह पीड़िता और उसके परिवार के साथ खड़ा रहेगा। संगठन ने कहा कि जब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिलता, तब तक इस मुद्दे को उठाया जाता रहेगा।
NSUI ने सरकार से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने तथा मामले में तेजी से कार्रवाई करने की मांग की। कैंडल मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने न्याय और जवाबदेही की मांग को प्रमुखता से उठाया।
