2 सितंबर 2026 : चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने महंगाई भत्ते (Dearness Allowance-DA) के बकाये से जुड़े हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है।
DA बकाये को लेकर विवाद
मामला पंजाब सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े महंगाई भत्ते के बकाये से संबंधित है। कर्मचारियों की ओर से लंबे समय से लंबित DA बकाये के भुगतान की मांग की जा रही है।
हाईकोर्ट ने मामले में सरकार को लेकर आदेश जारी किया था, जिसके बाद पंजाब सरकार ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
हाईकोर्ट के आदेश को दी चुनौती
पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश पर आपत्ति जताते हुए शीर्ष अदालत में अपील की है। सरकार का पक्ष है कि DA के बकाये के भुगतान से जुड़े मामले में वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
अब सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान सरकार और कर्मचारियों के पक्ष को सुना जाएगा।
कर्मचारियों को फैसले का इंतजार
DA बकाये के भुगतान का मुद्दा पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महत्वपूर्ण है। कर्मचारी संगठनों की ओर से लंबे समय से बकाया राशि जारी करने की मांग की जाती रही है।
हाईकोर्ट के बाद अब कर्मचारियों की नजर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर है।
सरकार पर वित्तीय बोझ का मुद्दा
महंगाई भत्ते के पुराने बकाये का भुगतान करने से राज्य सरकार पर बड़ा वित्तीय बोझ पड़ सकता है। सरकार की ओर से आर्थिक स्थिति को भी मामले में महत्वपूर्ण पहलू माना जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नजर
अब सुप्रीम कोर्ट यह तय करेगा कि हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा जाता है या सरकार की चुनौती पर कोई अलग फैसला आता है। शीर्ष अदालत के निर्णय का असर DA बकाये के भुगतान पर पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, पंजाब सरकार ने महंगाई भत्ते के बकाये से जुड़े हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इस मामले का सीधा असर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लंबित DA बकाये पर पड़ सकता है।
