1 सितंबर 2026 : पंजाब में फर्जी प्रमाणपत्र से जुड़े मामले में विजिलेंस ब्यूरो (VB) ने छह कल्याण अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। ब्यूरो ने संबंधित विभाग से Action Taken Report (ATR) प्रस्तुत करने को कहा है।
फर्जी प्रमाणपत्र मामले में जांच तेज
मामला कथित तौर पर फर्जी प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल से जुड़ा है। विजिलेंस ब्यूरो मामले में अधिकारियों की भूमिका और उनके स्तर पर हुई कार्रवाई की जांच कर रहा है।
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित अधिकारियों से जवाब और कार्रवाई की स्थिति की जानकारी मांगी गई है।
6 कल्याण अधिकारियों पर नजर
विजिलेंस ब्यूरो ने छह कल्याण अधिकारियों से जुड़े मामले में यह पता लगाने की कोशिश की है कि फर्जी प्रमाणपत्रों के संबंध में उनके स्तर पर क्या कार्रवाई की गई थी।
ब्यूरो ने संबंधित अधिकारियों की ओर से की गई कार्रवाई का विवरण रिपोर्ट के रूप में उपलब्ध कराने को कहा है।
Action Taken Report में मांगी जानकारी
ATR के जरिए यह जानकारी जुटाई जाएगी कि शिकायत या मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने क्या कदम उठाए। इसमें प्रमाणपत्रों की जांच, संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई और विभागीय स्तर पर लिए गए फैसलों की जानकारी शामिल हो सकती है।
विभागीय स्तर पर भी जांच
विजिलेंस ब्यूरो यह भी देख रहा है कि फर्जी प्रमाणपत्र जारी होने या उनके इस्तेमाल के मामले में किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं।
यदि जांच में किसी अधिकारी की भूमिका या लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई
छह अधिकारियों से संबंधित Action Taken Report मिलने के बाद विजिलेंस ब्यूरो मामले की आगे समीक्षा करेगा। रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा सकता है।
कुल मिलाकर, फर्जी प्रमाणपत्र मामले में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने छह कल्याण अधिकारियों से जुड़ी कार्रवाई का ब्यौरा मांगा है। ब्यूरो ने संबंधित विभाग से Action Taken Report प्रस्तुत करने को कहा है, जिसके आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
