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बिजली उत्पादन पर बढ़ा संकट, लेहरा मोहब्बत थर्मल प्लांट की चौथी यूनिट भी बंद

बठिंडा 30 अगस्त 2026 : बठिंडा जिले के लेहरा मोहब्बत स्थित गुरु हरिगोबिंद थर्मल प्लांट (जीएचटीपी) में बिजली उत्पादन को बड़ा झटका लगा है। प्लांट की 210 मेगावाट क्षमता वाली चौथी यूनिट, जो पिछले कई दिनों से प्लांट की एकमात्र चालू यूनिट थी, अब वह भी बंद हो गई है। इसके चलते प्लांट में बिजली उत्पादन पूरी तरह ठप होने की स्थिति बन गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार चौथी यूनिट के बंद होने के पीछे तकनीकी खराबी होने की संभावना है। यूनिट को दोबारा चालू करने के लिए तकनीकी टीमें प्रयास कर रही हैं। हालांकि यूनिट कब तक दोबारा बिजली उत्पादन शुरू करेगी, इस बारे में अभी कोई निश्चित समय नहीं बताया गया है।

इससे पहले प्लांट की तीन अन्य यूनिटें करीब 15 दिनों से बंद पड़ी हैं। ऐसे में चारों यूनिटों के बंद होने से राज्य के बिजली उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। खास बात यह है कि चौथी यूनिट ही पिछले कई दिनों से प्लांट में बिजली उत्पादन की मुख्य उम्मीद बनी हुई थी।
सूत्रों के अनुसार 210 मेगावाट क्षमता वाली इस यूनिट से वीरवार को करीब 167 मेगावाट बिजली पैदा की जा रही थी। यूनिट में हाल ही में भी तकनीकी खराबी आई थी, लेकिन मरम्मत के बाद इसे दोबारा चालू कर दिया गया था। अब फिर से यूनिट के बंद होने से प्लांट प्रबंधन के सामने चुनौती और बढ़ गई है।

आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल का भी असर 

वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्लांट की बाकी तीन यूनिटों के लंबे समय से बंद रहने के कई कारणों में से एक कारण आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल भी है। प्लांट में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारी पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) में सीधे नियुक्त करने की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण प्लांट के रोजाना संचालन और रखरखाव से जुड़े काम प्रभावित हुए हैं। अधिकारी के मुताबिक बिजली उत्पादन वाली यूनिटों को चलाने में तकनीकी और सहायक स्टाफ की अहम भूमिका होती है। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पैदा हुई संचालन संबंधी मुश्किलों का भी यूनिटों की कार्यप्रणाली पर असर पड़ा है।

यूनिटें दोबारा चलाने के प्रयास जारी

अधिकारी ने कहा कि बंद यूनिटों को दोबारा चालू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। तकनीकी खराबियों की जांच और जरूरी मरम्मत कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है। प्लांट की यूनिटों को चरणबद्ध तरीके से दोबारा शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि बिजली उत्पादन बहाल किया जा सके। प्लांट की चारों यूनिटों के एक साथ बंद होने की स्थिति ने न केवल प्लांट के संचालन पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि बिजली उत्पादन क्षमता को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। अब नजर इस बात पर है कि चौथी यूनिट समेत बाकी तीन यूनिटों में से कितनी जल्दी बिजली उत्पादन दोबारा शुरू होता है।

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