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वाहन स्क्रैपिंग में UP नंबर-1! देशभर के 48.5% पुराने वाहन प्रदेश में कबाड़, पुरानी गाड़ियों पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन

28 अगस्त 2026:  पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार की कार्रवाई तेज हो गई है। वाहन स्क्रैपिंग के मामले में उत्तर प्रदेश देश में सबसे आगे बताया जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में स्क्रैप किए गए पुराने वाहनों में करीब 48.5 फीसदी वाहन उत्तर प्रदेश के हैं।

सरकार का फोकस पुराने, अनफिट और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़क से हटाकर पर्यावरण प्रदूषण कम करने और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने पर है।

देशभर में स्क्रैपिंग में UP की बड़ी हिस्सेदारी

वाहन स्क्रैपिंग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से कई कदम उठाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में इस दिशा में कार्रवाई का दायरा तेजी से बढ़ा है।

आंकड़ों के अनुसार, देश में स्क्रैप किए गए पुराने वाहनों में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 48.5 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इससे राज्य वाहन स्क्रैपिंग के मामले में देश में पहले स्थान पर है।

पुरानी गाड़ियों पर सरकार की सख्ती

पुराने वाहनों के कारण प्रदूषण बढ़ने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं रहती हैं। लंबे समय तक इस्तेमाल किए गए और फिटनेस मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले वाहनों को सड़क से हटाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

उत्तर प्रदेश में ऐसे वाहनों की पहचान और उन्हें स्क्रैप कराने की प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है।

प्रदूषण कम करने पर जोर

पुराने वाहनों से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण का एक महत्वपूर्ण कारण हो सकता है। वाहन स्क्रैपिंग के जरिए पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाकर नए और अपेक्षाकृत स्वच्छ वाहनों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

इससे शहरों में वायु गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलने की उम्मीद है।

वाहन मालिकों को मिल सकता है लाभ

वाहन स्क्रैपिंग नीति के तहत पुराने वाहन को अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर पर जमा कराने वाले वाहन मालिकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार स्क्रैप सर्टिफिकेट दिया जाता है।

इस प्रमाणपत्र का इस्तेमाल नए वाहन की खरीद और संबंधित नियमों के तहत उपलब्ध लाभों के लिए किया जा सकता है।

अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर पर ही दें वाहन

सरकार की ओर से वाहन मालिकों को सलाह दी जाती है कि पुराने वाहनों को केवल पंजीकृत और अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों पर ही स्क्रैप कराया जाए।

अनधिकृत तरीके से वाहन काटने या उसके पुर्जों को बेचने से वाहन मालिकों को कानूनी और दस्तावेजी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

सड़क सुरक्षा को भी मिलेगा फायदा

पुराने और खराब स्थिति वाले वाहन सड़क पर दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा सकते हैं। ऐसे वाहनों को हटाने से सड़क पर सुरक्षित और बेहतर स्थिति वाले वाहनों की संख्या बढ़ सकती है।

सरकार का उद्देश्य वाहन स्क्रैपिंग को केवल प्रदूषण नियंत्रण तक सीमित न रखते हुए सड़क सुरक्षा और बेहतर परिवहन व्यवस्था से भी जोड़ना है।

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