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बठिंडा की ‘NRI मिलनी’ में पुलिस की निष्क्रियता और इमिग्रेशन फ्रॉड की शिकायतें

27 अगस्त 2026: पंजाब सरकार की ओर से बुधवार को बठिंडा में आयोजित ‘Zonal NRI Milni’ में विदेशों में बसे पंजाबियों ने पुलिस की कथित निष्क्रियता, इमिग्रेशन फ्रॉड, जमीन-जायदाद और अन्य मामलों से जुड़ी शिकायतें अधिकारियों के सामने रखीं। कार्यक्रम का उद्देश्य NRIs को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंचाने का मंच देना था।

60 लाख रुपये लेने के बाद विदेश भेजने का आरोप

मानसा निवासी गुरदेव सिंह, जो कनाडा के ओंटारियो में बसे होने की बात कहते हैं, ने बठिंडा पुलिस पर एक मामले में कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि नसीबपुरा गांव की एक महिला ने उनके परिवार के एक सदस्य को विदेश में बसाने में मदद करने का वादा किया था।

गुरदेव के अनुसार, इसके लिए परिवार से करीब 60 लाख रुपये लिए गए। परिवार ने यह रकम कर्ज लेकर जुटाई थी, लेकिन कथित तौर पर बाद में व्यक्ति को कनाडा नहीं भेजा गया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले से परिवार पर गंभीर मानसिक दबाव पड़ा और उनके दो रिश्तेदारों ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। गुरदेव का आरोप था कि शिकायत दर्ज करने के बजाय पुलिस परिवार पर समझौते का दबाव बना रही थी।

DC ने जांच का दिया भरोसा

गुरदेव ने कार्यक्रम के दौरान मंत्री के सामने अपनी शिकायत रखी और बाद में दस्तावेज दिखाते हुए मीडिया से भी बात की। उनकी शिकायत पर बठिंडा के डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान ने उन्हें गुरुवार को अपने कार्यालय में मिलने के लिए बुलाया और मामले की जांच का आश्वासन दिया।

जर्मनी भेजने के नाम पर ठगी का आरोप

कार्यक्रम में एक अन्य शिकायतकर्ता भरपूर सिंह ने आरोप लगाया कि एक इमिग्रेशन एजेंट ने उनकी भतीजी को जर्मनी भेजने और नौकरी दिलाने का वादा किया था।

भरपूर सिंह के मुताबिक, उनकी भतीजी को न तो वादा की गई नौकरी मिली और न ही वहां उसका वीजा आगे बढ़ सका। परिवार का दावा है कि जर्मन अधिकारियों ने उन्हें बताया कि संबंधित एजेंट पंजीकृत नहीं था।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस ने शुरुआत में उनकी शिकायत बंद कर दी थी, लेकिन बाद में DGP के हस्तक्षेप के बाद मामला दोबारा खोला गया। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उन पर पैसे लेकर मामला खत्म करने और चुप रहने का दबाव बनाया जा रहा था।

NRIs की कई तरह की शिकायतें

कार्यक्रम में बठिंडा के अलावा मुक्तसर, मोगा, फिरोजपुर, फरीदकोट, फाजिल्का और मानसा जिलों से भी कई NRIs पहुंचे। अधिकारियों के अनुसार, पंजाब के NRIs आम तौर पर जमीन-जायदाद विवाद, अवैध कब्जे, दस्तावेजों से जुड़ी गड़बड़ियों और वैवाहिक मामलों जैसी शिकायतें उठाते हैं।

कुछ NRIs ने अपनी शिकायतों के समाधान के लिए प्रशासन की सराहना भी की।

मंत्री ने कार्रवाई का भरोसा दिया

कार्यक्रम में मंत्री ने कहा कि NRIs की ओर से उठाई गई हर वास्तविक शिकायत को उसकी मेरिट के आधार पर और निर्धारित समयसीमा के भीतर हल करने का प्रयास किया जाएगा।

सरकार का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य विदेशों में बसे पंजाबियों और राज्य प्रशासन के बीच सीधा संवाद मजबूत करना है।

इमिग्रेशन फ्रॉड बना बड़ी चिंता

बठिंडा की NRI मिलनी में सामने आई शिकायतों से एक बार फिर विदेश भेजने के नाम पर होने वाली ठगी का मुद्दा सामने आया है। बड़ी रकम लेकर विदेश में नौकरी या स्थायी निवास दिलाने का वादा करने वाले एजेंटों के खिलाफ लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

कुल मिलाकर, बठिंडा में आयोजित NRI मिलनी में पुलिस की कथित निष्क्रियता और इमिग्रेशन फ्रॉड से जुड़ी गंभीर शिकायतें सामने आईं। 60 लाख रुपये लेकर कनाडा भेजने का कथित वादा पूरा न करने और जर्मनी भेजने के नाम पर ठगी के आरोपों पर प्रशासन ने शिकायतों की जांच का भरोसा दिया।

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