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सुनटेक सिटी के बाद 2021 से मंजूर 10 CLU पर ED की नजर, जांच का दायरा बढ़ा

27 अगस्त 2026:

मोहाली के चर्चित सुनटेक सिटी प्रोजेक्ट में कथित फर्जी Change of Land Use (CLU) मंजूरी की जांच कर रहा प्रवर्तन निदेशालय (ED) अब ऐसे ही मामलों की जांच का दायरा बढ़ा रहा है। एजेंसी की नजर 2021 के बाद निजी रियल एस्टेट डेवलपर्स को दी गई 10 CLU मंजूरियों पर है।

सुनटेक सिटी मामला बना जांच का केंद्र

ED सुनटेक सिटी को लेकर कथित मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी दस्तावेजों के मामले की जांच कर रहा है। आरोप है कि प्रोजेक्ट के लिए जमीन मालिकों की कथित फर्जी सहमति और हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर CLU मंजूरी हासिल की गई।

ED की जांच के अनुसार, सुनटेक सिटी से जुड़े मामले में करीब 30.5 एकड़ जमीन के 15 मालिकों की सहमति से संबंधित कथित फर्जी दस्तावेज सामने आए थे।

2021 के बाद 10 CLU मंजूरियां जांच के घेरे में

अब जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या CLU मंजूरी देने की इसी प्रक्रिया में अन्य रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में भी अनियमितताएं हुईं।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 से DTCP ने निजी रियल एस्टेट डेवलपर्स को 10 ऐसी CLU मंजूरियां दीं। इनमें Bajwa Developers, Innovative Housing and Infrastructure, Altus Space Builders, Sukhman Infrastructure और Sunny Lovely Developers से जुड़े मामले शामिल हैं।

फर्जी सहमति और NOC की शिकायतें

जांच का एक अहम पहलू जमीन मालिकों की सहमति से जुड़ा है। आरोप है कि कुछ मामलों में फर्जी सहमति पत्र, हस्ताक्षर, अंगूठे के निशान या बैंक NOC के आधार पर जमीन के इस्तेमाल में बदलाव की मंजूरी हासिल की गई।

ED यह भी जांच कर रहा है कि अधिकारियों ने ऐसी शिकायतों पर किस तरह कार्रवाई की और CLU रद्द करने के लिए कौन-से कानूनी प्रावधान इस्तेमाल किए गए।

Section 85 और 90 को लेकर भी सवाल

मामले में पंजाब Regional and Town Planning and Development Act के Section 85 और Section 90 के तहत की गई कार्रवाई भी जांच के दायरे में है।

रिपोर्ट के अनुसार, पहले फर्जी सहमति के मामलों में Section 90 के तहत कार्रवाई की जाती थी, लेकिन 2024 के बाद कुछ मामलों में Section 85 के तहत आंशिक CLU रद्द करने की प्रक्रिया अपनाई गई। अधिकारियों ने कथित तौर पर ED को बताया कि ऐसा तीसरे पक्ष के अधिकारों की सुरक्षा के लिए किया गया।

IAS अधिकारियों से भी पूछताछ

जांच के दौरान ED ने पंजाब के वरिष्ठ अधिकारियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। IAS अधिकारी कंवल प्रीत बराड़ से एजेंसी करीब नौ घंटे पूछताछ कर चुकी है और उन्हें दोबारा बुलाया गया है। वहीं पूर्व पंजाब मुख्य सचिव अनुराग वर्मा को भी 31 अगस्त को पेश होने के लिए समन भेजा गया है।

2014 की नीति भी जांच के केंद्र में

ED की जांच में पंजाब की 2014 की CLU नीति को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस नीति के तहत किसी प्रोजेक्ट क्षेत्र में केवल 25 प्रतिशत जमीन के मालिकाना हक के आधार पर CLU या लेआउट प्लान की मंजूरी लेने का रास्ता उपलब्ध था, जबकि बाकी जमीन के लिए जमीन मालिकों की सहमति या NOC स्वीकार की जाती थी।

जांच एजेंसी का मानना है कि इसी व्यवस्था का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल कर फर्जी सहमति पत्र तैयार किए जा सकते थे।

जांच का दायरा बढ़ने से बढ़ी चिंता

सुनटेक सिटी के बाद अब अन्य CLU मामलों की जांच शुरू होने से मोहाली और आसपास के रियल एस्टेट सेक्टर में चिंता बढ़ गई है। ED यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या कथित अनियमितताएं किसी एक प्रोजेक्ट तक सीमित थीं या फिर CLU मंजूरी की प्रक्रिया में व्यापक स्तर पर ऐसी समस्याएं सामने आईं।

कुल मिलाकर, सुनटेक सिटी मामले में ED की जांच अब 2021 के बाद मंजूर की गई 10 अन्य CLU मंजूरियों तक पहुंच गई है। एजेंसी कथित फर्जी सहमति, NOC और CLU प्रक्रिया में अनियमितताओं की जांच कर रही है। वरिष्ठ IAS अधिकारियों से पूछताछ के साथ यह मामला अब पंजाब के टाउन प्लानिंग और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए भी महत्वपूर्ण बन गया है।

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