25 अगस्त 2026 IIT-दिल्ली ने 31 वर्षीय MSc फिजिक्स छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत की परिस्थितियों की जांच के लिए पांच सदस्यीय बाहरी जांच समिति गठित की है। यह फैसला छात्रों के विरोध प्रदर्शन और संस्थान में जवाबदेही की मांग के बाद लिया गया है। समिति को अपनी रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर सौंपने को कहा गया है।
पांच सदस्यीय समिति करेगी जांच
जांच समिति में उत्तराखंड के पूर्व DGP और IIT-दिल्ली के पूर्व छात्र अशोक कुमार, AIIMS नई दिल्ली के मनोचिकित्सा विभाग के प्रमुख प्रोफेसर प्रताप शर्मा, दो छात्र प्रतिनिधि और IIT-दिल्ली के रजिस्ट्रार शामिल हैं। रजिस्ट्रार समिति के सचिव और संयोजक की भूमिका निभाएंगे।
समिति छात्र की मौत से जुड़े हालात की जांच करने के साथ-साथ छात्रों, शिक्षकों और प्रशासन से संबंधित रिकॉर्ड की समीक्षा करेगी। संस्थान में लागू प्रोटोकॉल और प्रक्रियाओं की भी जांच की जाएगी।
छात्र की मौत के बाद हुआ था विरोध प्रदर्शन
ऋषिकेश कुमार की मौत के बाद IIT-दिल्ली कैंपस में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। छात्रों ने मामले की स्वतंत्र जांच, प्रशासन की जवाबदेही और छात्र कल्याण व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई थी। विरोध के दौरान छात्रों ने संस्थान के प्रशासनिक रवैये पर भी सवाल उठाए।
पुलिस के अनुसार, 22 अगस्त को छात्र की मौत कैंपस की एक इमारत की छठी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी। पुलिस ने घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं होने की जानकारी दी थी और मामले की जांच जारी है।
छात्रों की मांगों के बाद संस्थान ने उठाए कदम
छात्रों की मांगों को देखते हुए IIT-दिल्ली ने बाहरी जांच समिति के अलावा एक बाहरी लोकपाल (Ombudsperson) नियुक्त करने की योजना भी बनाई है। इसका उद्देश्य उन छात्र शिकायतों को सुनना होगा जिनका समाधान संस्थान की आंतरिक व्यवस्था से नहीं हो पाता।
संस्थान ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों के लिए अतिरिक्त फैकल्टी-स्टूडेंट मेंटर सपोर्ट सिस्टम बनाने की भी बात कही है।
परिवार को आर्थिक सहायता देने का ऐलान
IIT-दिल्ली ने ऋषिकेश कुमार के परिवार को आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की है। संस्थान के अनुसार, परिवार के चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति की जाएगी और बेनेवोलेंट फंड से सहायता दी जाएगी।
इसके अलावा फैकल्टी, छात्रों और कर्मचारियों के स्वैच्छिक योगदान से परिवार की मदद के लिए एक अलग फंड बनाने की योजना भी है।
दो सप्ताह में आएगी जांच रिपोर्ट
बाहरी समिति अब मामले से जुड़े छात्रों, शिक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत करेगी। उपलब्ध रिकॉर्ड और संस्थान की प्रक्रियाओं की समीक्षा के बाद समिति अपनी सिफारिशें देगी।
समिति को दो सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
कुल मिलाकर, IIT-दिल्ली ने MSc फिजिक्स छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत की परिस्थितियों की जांच के लिए पांच सदस्यीय बाहरी समिति गठित की है। छात्रों के विरोध के बाद उठाए गए इस कदम के तहत संस्थान की प्रक्रियाओं और प्रशासनिक पहलुओं की भी समीक्षा होगी। समिति को दो सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देनी है।
