22 अगस्त 2026 अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) के साथ ड्रग्स और हथियारों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए भारतीय सेना, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और पंजाब पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने को लेकर चर्चा की। बैठक में सीमा पार से होने वाली तस्करी और अपराधों से निपटने के लिए आपसी समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया।
तस्करी रोकने के लिए संयुक्त रणनीति
बैठक में सीमा पार से ड्रग्स, हथियार और अन्य प्रतिबंधित सामान की तस्करी को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की गई। सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील इलाकों की पहचान कर निगरानी और गश्त बढ़ाने पर चर्चा की।
अधिकारियों ने कहा कि सीमा पार से होने वाली तस्करी को रोकने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
ड्रोन के जरिए तस्करी पर नजर
बैठक में सीमा पार से ड्रोन के जरिए ड्रग्स और हथियार पहुंचाने की कोशिशों को भी प्रमुख चुनौती के रूप में देखा गया। सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन गतिविधियों की निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पहचान और सूचना साझा करने की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया।
इंटेलिजेंस शेयरिंग पर जोर
सेना, BSF और पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने खुफिया जानकारी को तेजी से साझा करने और संदिग्ध नेटवर्क के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की जरूरत पर चर्चा की।
सीमा क्षेत्र में सक्रिय तस्करी नेटवर्क की पहचान करने के साथ-साथ उनके स्थानीय सहयोगियों पर भी नजर रखने की रणनीति पर जोर दिया गया।
पंजाब पुलिस की भूमिका
पंजाब पुलिस सीमा से जुड़े इलाकों में ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के मामलों की जांच और स्थानीय नेटवर्क को पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पुलिस द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों और तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर निगरानी बढ़ाने की बात कही गई।
सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने पर जोर
बैठक में सीमा सुरक्षा के साथ-साथ पंजाब के सीमावर्ती जिलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को लगातार जारी रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल प्रतिक्रिया देने पर जोर दिया।
कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रग्स और हथियारों की तस्करी को रोकने के लिए सेना, BSF और पंजाब पुलिस ने आपसी समन्वय, खुफिया जानकारी साझा करने और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया।
