22 अगस्त 2026 पंजाब में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आई है। राज्य में 2026 के पहले सात महीनों में 41.37 लाख से अधिक चालान जारी किए गए, लेकिन इनके मुकाबले जुर्माने की वसूली काफी कम रही। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में केवल ₹49.02 करोड़ की वसूली हो सकी।
सात महीनों में 41.37 लाख चालान
पंजाब में चालान की संख्या पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। वर्ष 2021 में जहां सिर्फ 53,973 चालान जारी हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 20.46 लाख हो गई।
अब 1 जनवरी से 6 अगस्त 2026 के बीच ही राज्य में 41,37,775 चालान जारी किए जा चुके हैं, जो पूरे 2025 के आंकड़े से दोगुने से भी अधिक हैं।
चालान बढ़े, लेकिन वसूली नहीं
आंकड़ों में सबसे बड़ा अंतर चालान की संख्या और उनसे हुई वसूली के बीच दिखाई देता है। 2024 में प्रति चालान औसतन ₹1,370 की वसूली हुई थी। 2025 में यह घटकर ₹601 रह गई और 2026 में अब तक प्रति चालान औसत वसूली सिर्फ ₹118 रही है। यानी दो वर्षों में प्रति चालान राजस्व में 91 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है।
2025 में रिकॉर्ड वसूली
2025 में पंजाब में 20,46,881 चालान जारी किए गए और उनसे ₹123.04 करोड़ का राजस्व हासिल हुआ था। इसके मुकाबले 2026 में चालान की संख्या तेजी से बढ़ने के बावजूद अब तक केवल ₹49.02 करोड़ की वसूली हुई है।
ई-चालान व्यवस्था से कार्रवाई में तेजी
ट्रैफिक नियमों की निगरानी में डिजिटल और ऑटोमेटेड सिस्टम के इस्तेमाल से चालान जारी करना आसान और तेज हुआ है। कैमरों और ई-चालान व्यवस्था के जरिए उल्लंघन दर्ज होने के बाद नोटिस तेजी से तैयार हो सकते हैं।
हालांकि, चालान जारी होने के बाद उसकी वास्तविक वसूली वाहन मालिक के भुगतान, नोटिस की डिलीवरी और विवादित मामलों में अदालत या लोक अदालत में निपटारे पर निर्भर करती है।
2026 में 69 लाख तक पहुंच सकते हैं चालान
मौजूदा रफ्तार जारी रही तो अनुमान है कि 2026 के अंत तक पंजाब में करीब 69 लाख चालान जारी हो सकते हैं। वहीं मौजूदा वसूली दर के आधार पर राजस्व करीब ₹82 करोड़ रहने का अनुमान है, जो 2025 में हुई ₹123.04 करोड़ की वसूली से काफी कम होगा।
वाहन चालकों के लिए क्या जरूरी है?
कानूनी विशेषज्ञों ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे ई-चालान को नजरअंदाज न करें। अगर किसी व्यक्ति को लगता है कि चालान गलत जारी हुआ है, तो वह ऑनलाइन इसकी स्थिति जांचने के साथ उपलब्ध कानूनी उपायों का इस्तेमाल कर सकता है।
कुल मिलाकर, पंजाब में ट्रैफिक नियमों पर डिजिटल कार्रवाई तेजी से बढ़ी है और चालानों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। लेकिन बड़ी चुनौती अब चालान जारी करने के बजाय लंबित जुर्माने की वसूली और मामलों के समय पर निपटारे की है।
