21 अगस्त 2026 : पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मोगा में नहरी विभाग के दो चौथी श्रेणी के कर्मचारियों को ₹50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
बेटे को नौकरी लगवाने के नाम पर मांगे थे 6 लाख रुपये
विजिलेंस के अनुसार, फिरोजपुर जिले के तलवंडी भाई निवासी सोनी ने शिकायत दी थी कि मोगा नहरी विभाग में तैनात चौथी श्रेणी के कर्मचारी वीर सिंह और जगदेव सिंह ने उसके बेटे मोहित को नहरी विभाग में चौथी श्रेणी की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था।
आरोप है कि दोनों कर्मचारियों ने नौकरी लगवाने के बदले ₹6 लाख की मांग की थी। उन्होंने शिकायतकर्ता को यह भी बताया था कि चंडीगढ़ तक उनकी पहुंच है। शिकायतकर्ता के मुताबिक वह दोनों को करीब ₹5.5 लाख पहले ही दे चुका था, लेकिन इसके बावजूद उसके बेटे को नौकरी नहीं मिली।
50 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए
जब आरोपियों ने दोबारा ₹50 हजार की मांग की तो शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क किया। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया।
गुरुवार को मोगा के मिनी सचिवालय परिसर में दोनों आरोपियों को रिश्वत की रकम लेने के लिए बुलाया गया। जैसे ही दोनों ने ₹50 हजार स्वीकार किए, पहले से तैयार विजिलेंस टीम ने सरकारी गवाहों की मौजूदगी में उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
विजिलेंस ने दोनों कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की आगे जांच की जा रही है और रिश्वत के लिए पहले दी गई रकम तथा आरोपियों के दावों की भी जांच होगी।
इस कार्रवाई को पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा बताया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी के मामलों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
21 अगस्त को अदालत में पेशी
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को 21 अगस्त को अदालत में पेश किया जाएगा। विजिलेंस टीम मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
कुल मिलाकर, मोगा में नहरी विभाग के दो कर्मचारियों पर नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये मांगने का आरोप है। विजिलेंस ने ₹50 हजार की कथित रिश्वत लेते हुए दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।
