21 अगस्त 2026 : पंजाब के युवा वॉलीबॉल खिलाड़ी सुखमीत ने दो बार ट्रायल में असफल होने के बावजूद हार नहीं मानी और अब उन्हें भारत की U-17 वॉलीबॉल वर्ल्ड चैंपियनशिप टीम में जगह मिल गई है। उनकी यह उपलब्धि लगातार मेहनत और संघर्ष का नतीजा मानी जा रही है।
दो बार ट्रायल में मिली निराशा
सुखमीत को राष्ट्रीय स्तर की टीम में जगह बनाने के लिए पहले दो ट्रायल में सफलता नहीं मिली थी। लगातार दो बार चयन से चूकने के बावजूद उन्होंने अभ्यास जारी रखा और अपनी कमजोरियों पर काम किया।
उनकी मेहनत आखिरकार रंग लाई और तीसरे प्रयास में उन्होंने चयनकर्ताओं को प्रभावित करते हुए भारतीय टीम में जगह बना ली।
अब विश्व चैंपियनशिप में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व
भारत की U-17 पुरुष वॉलीबॉल टीम 2026 FIVB Volleyball Boys’ U17 World Championship में हिस्सा ले रही है। टूर्नामेंट 19 से 29 अगस्त तक कतर की राजधानी दोहा में आयोजित किया जा रहा है। भारत इस प्रतियोगिता में शामिल 20 टीमों में से एक है।
संघर्ष से मिली बड़ी कामयाबी
सुखमीत की कहानी उन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो शुरुआती असफलताओं के कारण अपने लक्ष्य से पीछे हट जाते हैं। दो बार चयन से बाहर होने के बाद भी उन्होंने प्रयास जारी रखा और आखिरकार देश की अंडर-17 टीम तक पहुंचने में कामयाब रहे।
कुल मिलाकर, पंजाब के सुखमीत का दो असफल ट्रायल के बाद भारत की U-17 वॉलीबॉल वर्ल्ड चैंपियनशिप टीम में चयन उनकी मेहनत, धैर्य और लगातार प्रयास की बड़ी मिसाल है।
