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बीरू वाल्मीकि हत्याकांड मामले में CM सैनी का बड़ा एक्शन, ADGP संजय कुमार करेंगे एनकाउंटर की जांच

चंडीगढ़ 19 अगस्त 2026 :  करनाल में बीरु वाल्मीकि हत्याकांड के बाद हुए चर्चित पुलिस एनकाउंटर को लेकर हरियाणा सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने के अपने आश्वासन को अमलीजामा पहनाते हुए जांच की जिम्मेदारी एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर संजय कुमार के नेतृत्व में कराने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।संजय कुमार की गिनती ईमानदार और धाकड़ ऑफरों में पुलिस विभाग में है।

मिडिया को पुलिस विभाग की ओर से जारी आदेश की प्रति मंगलवार देर रात सूत्रों के माध्यम से मिली। इस फैसले के बाद करनाल एनकाउंटर को लेकर उठ रहे सवालों की जांच अब वरिष्ठ स्तर पर होगी। सरकार के इस कदम को पूरे मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

13 अगस्त को सीएम से मिला था प्रतिनिधिमंडल

गौरतलब है कि वीरू वाल्मीकि की हत्या के बाद करनाल में पुलिस कार्रवाई के दौरान हुए एनकाउंटर में हर्ष और एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई थी। इस कार्रवाई को लेकर विभिन्न वर्गों की ओर से सवाल उठाए गए और कुछ लोगों ने इसे कथित तौर पर फर्जी एनकाउंटर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी।

इसी मांग को लेकर 13 अगस्त को एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिला था। प्रतिनिधिमंडल ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया था कि 15 अगस्त के बाद जल्द ही इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।

सीएम सैनी ने किया अपना वादा पूरा

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अब अपने आश्वासन को आगे बढ़ाते हुए जांच का फैसला लिया है। सरकार ने जांच के लिए एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर संजय कुमार को जिम्मेदारी सौंपी है। पुलिस महकमे में संजय कुमार को कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में अनुभवी और सख्त अधिकारी के तौर पर देखा जाता है। ऐसे में उनके नेतृत्व में जांच कराए जाने के फैसले से सरकार ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि पुलिस कार्रवाई को लेकर उठने वाले सवालों को भी गंभीरता से लिया जाएगा और तथ्यों की निष्पक्ष पड़ताल की जाएगी।

जांच से सामने आएगा वास्तविक घटनाक्रम

अब जांच में एनकाउंटर से जुड़े तमाम पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। पुलिस कार्रवाई की परिस्थितियां, घटनाक्रम और उससे जुड़े तथ्यों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी। सरकार के इस निर्णय से उन लोगों को भी उम्मीद जगी है, जो लंबे समय से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे।

अपराध के खिलाफ सख्ती के साथ पारदर्शिता पर भी जोर

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी लगातार हरियाणा को अपराध मुक्त बनाने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कहते रहे हैं। सरकार की नीति अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के साथ कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की रही है। करनाल एनकाउंटर की जांच का फैसला इसी नीति के दूसरे महत्वपूर्ण पहलू—पुलिस कार्रवाई में पारदर्शिता और जवाबदेही—को भी सामने लाता है।

अब एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर संजय कुमार के नेतृत्व में होने वाली जांच पर सभी की निगाहें रहेंगी। जांच के निष्कर्ष यह स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण होंगे कि करनाल में हुई पुलिस कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई और उस पर उठाए जा रहे सवालों में कितनी सच्चाई है। सरकार के इस फैसले के बाद मामले में ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ होने की उम्मीद बढ़ गई है।
 

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