6 अगस्त, 2026 : आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) ने भी स्वीकार किया है कि E-20 ईंधन में अधिक क्लोराइड और नमी के कारण वाहनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
केजरीवाल ने कहा कि E-20 ईंधन को लेकर उपभोक्ताओं और वाहन मालिकों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि यदि ईंधन की गुणवत्ता से वाहनों के प्रदर्शन और रखरखाव पर असर पड़ रहा है, तो इसकी जांच और समाधान जरूरी है।
E-20 ईंधन पर उठाए सवाल
केजरीवाल ने कहा कि वाहन मालिकों को माइलेज, इंजन प्रदर्शन और रखरखाव से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से इस विषय पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
सरकार से हस्तक्षेप की मांग
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि E-20 ईंधन की गुणवत्ता, मानकों और उसके प्रभाव को लेकर विशेषज्ञों की राय सार्वजनिक की जाए तथा यदि आवश्यक हो तो सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
बहस हुई तेज
E-20 ईंधन के उपयोग और उसके प्रभाव को लेकर पहले से ही विभिन्न पक्षों के बीच चर्चा जारी है। इस मुद्दे पर केजरीवाल के बयान के बाद राजनीतिक और औद्योगिक हलकों में बहस और तेज होने की संभावना है।
