5 अगस्त, 2026 : E20 ईंधन के चरणबद्ध विस्तार का असर अब पंजाब के लगभग 1,000 करोड़ रुपये के सेकेंड-हैंड (प्री-ओन्ड) ऑटोमोबाइल बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। वाहन डीलरों और कारोबारियों का कहना है कि पुराने वाहनों की अनुकूलता को लेकर ग्राहकों में असमंजस बढ़ने से खरीद-बिक्री प्रभावित हो रही है।
व्यापार से जुड़े लोगों के अनुसार, कई ग्राहक यह जानना चाहते हैं कि पुराने मॉडल के वाहन E20 पेट्रोल के साथ सुरक्षित और प्रभावी ढंग से चल पाएंगे या नहीं। इसी अनिश्चितता के कारण कुछ खरीदार अपने निर्णय टाल रहे हैं।
सेकेंड-हैंड वाहन बाजार पर असर
वाहन कारोबारियों का कहना है कि E20 ईंधन को लेकर स्पष्ट जानकारी के अभाव में पुराने वाहनों की मांग में कमी देखने को मिल रही है। इससे सेकेंड-हैंड वाहन बाजार की गति धीमी हुई है।
ग्राहकों में अनिश्चितता
विशेषज्ञों के अनुसार, कई उपभोक्ता वाहन खरीदने से पहले उसके E20 ईंधन के साथ अनुकूल होने की पुष्टि करना चाहते हैं। इससे पुराने मॉडलों के लेन-देन पर असर पड़ रहा है।
स्पष्ट दिशा-निर्देश की मांग
ऑटोमोबाइल कारोबारियों ने सरकार और संबंधित एजेंसियों से पुराने वाहनों की E20 अनुकूलता को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है, ताकि बाजार में व्याप्त भ्रम दूर हो सके और उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़े।
