5 अगस्त, 2026 : रवि नदी पर प्रस्तावित पुल परियोजना को मंजूरी मिलने के पांच वर्ष बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। परियोजना में लगातार हो रही देरी को लेकर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी बढ़ रही है। उनका कहना है कि पुल बनने से क्षेत्र में आवागमन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बड़ा लाभ मिलेगा।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, पुल के निर्माण की घोषणा के बाद लोगों को उम्मीद थी कि सीमावर्ती क्षेत्रों की संपर्क व्यवस्था बेहतर होगी, लेकिन वर्षों बीत जाने के बावजूद परियोजना धरातल पर नहीं उतर सकी।
विकास कार्य में लगातार देरी
लोगों का कहना है कि परियोजना में देरी के कारण क्षेत्र के विकास पर असर पड़ रहा है। पुल बनने से कई गांवों और कस्बों के बीच यात्रा आसान होने के साथ परिवहन लागत भी कम हो सकती है।
प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग
स्थानीय संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने सरकार से परियोजना की मौजूदा स्थिति स्पष्ट करने तथा निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि लंबे समय से लंबित यह परियोजना अब प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जानी चाहिए।
क्षेत्र को मिलेगा सीधा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि पुल के निर्माण से सीमावर्ती इलाकों में कनेक्टिविटी मजबूत होगी, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।की है। साथ ही मिलावटी खाद्य पदार्थों की सूचना विभाग को देने का भी आग्रह किया गया है।
