3 अगस्त, 2026 : नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पंजाब सरकार ने ‘कम्युनिटी ब्रिज मॉडल’ की शुरुआत की है। इस नई पहल के तहत नशा मुक्ति केंद्र में इलाज के बाद मरीजों को घर लौटने पर भी लगातार चिकित्सकीय और परामर्श सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे दोबारा नशे की गिरफ्त में न आएं।
सरकार के अनुसार, इस मॉडल का उद्देश्य इलाज और पुनर्वास के बीच की दूरी को कम करना है। मरीजों की नियमित निगरानी, काउंसलिंग और सामुदायिक सहयोग के माध्यम से उन्हें सामान्य जीवन में वापस लाने का प्रयास किया जाएगा।
घर तक पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवाएं
कम्युनिटी ब्रिज मॉडल के तहत प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी और काउंसलर मरीजों से नियमित संपर्क बनाए रखेंगे। जरूरत पड़ने पर घर जाकर भी परामर्श और फॉलो-अप सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
पुनर्वास पर रहेगा विशेष फोकस
सरकार का कहना है कि केवल उपचार ही नहीं, बल्कि मरीजों का सामाजिक और मानसिक पुनर्वास भी इस मॉडल का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। परिवारों को भी जागरूक और सहयोगी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
नशा मुक्त पंजाब की दिशा में नई पहल
पंजाब सरकार का मानना है कि यह मॉडल नशे की लत से उबर चुके लोगों को दोबारा सामान्य जीवन में स्थापित करने में मदद करेगा और राज्य के ‘नशा मुक्त पंजाब’ अभियान को और मजबूती देगा।
