31 जुलाई,2026 दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने कर्मचारियों के वेतन संरक्षण (Pay Protection) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। साथ ही विश्वविद्यालय के कुलपति (Vice-Chancellor) ने स्पष्ट किया है कि संविदा कर्मचारियों की छंटनी नहीं की जाएगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस निर्णय का उद्देश्य कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना और संस्थान में कार्यरत स्टाफ के बीच स्थिरता बनाए रखना है। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय अपनी शैक्षणिक और प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप कर्मचारियों के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार के लिए प्रतिबद्ध है।
वेतन संरक्षण को मिली मंजूरी
विश्वविद्यालय की संबंधित प्राधिकरण ने वेतन संरक्षण से जुड़े प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। इससे पात्र कर्मचारियों को निर्धारित नियमों के अनुसार लाभ मिलेगा।
संविदा कर्मचारियों को राहत
कुलपति ने स्पष्ट किया कि संविदा कर्मचारियों की छंटनी को लेकर चल रही आशंकाएं निराधार हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय फिलहाल इस प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
कर्मचारियों के हितों पर जोर
प्रशासन का कहना है कि विश्वविद्यालय कर्मचारियों के हितों और संस्थान की कार्यकुशलता के बीच संतुलन बनाए रखते हुए आवश्यक निर्णय लेता रहेगा। इस फैसले को कर्मचारियों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है।
