29 जुलाई,2026 चेंबूर दुर्घटना मामले में महापौर द्वारा पुनः जांच के दिए गए आदेश को लेकर मुंबई महानगरपालिका (BMC) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि जांच के निर्देश जारी होने के बावजूद अब तक जमीनी स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई और मामला केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित रह गया।
जानकारी के अनुसार, दुर्घटना के बाद महापौर ने मामले की दोबारा जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, विपक्ष और स्थानीय लोगों का आरोप है कि आदेशों के बावजूद जांच प्रक्रिया में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई।
जांच की रफ्तार पर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि समय पर प्रभावी जांच होती, तो दुर्घटना के कारणों और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती थी। उन्होंने मामले में पारदर्शिता की मांग की है।
जिम्मेदारी तय करने की मांग
विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि केवल आदेश जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जांच को समयबद्ध तरीके से पूरा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।
BMC की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस मामले में मुंबई महानगरपालिका की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। प्रशासन का कहना है कि मामले से संबंधित सभी पहलुओं की समीक्षा नियमानुसार की जा रही है।
